फर्जी आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, अस्पताल और सीएमओ दफ्तर के कर्मचारी समेत 5 गिरफ्तार
पुलिस ने बरेली में फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें अस्पताल ...और पढ़ें

घटना का राजफाश करते पुलिस अधिकारी
HighLights
सीएमओ कार्यालय और एक बड़े अस्पताल का कर्मचारी भी गिरोह में शामिल
पूछताछ में आरोपितों ने बताया, 35 से 40 हजार रुपये में बनाते थे फर्जी कार्ड
जागरण संवाददाता, बरेली। फर्जी आयुष्मान बनाकर लोगों का उपचार कराने और उनसे रुपये ठगने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। पांच लोगों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की गई तो पता चला कि इस गिरोह में बड़े अस्पताल के कर्मचारी और सीएमओ कार्यालय का एक कर्मचारी भी शामिल है।
आरोपितों ने बताया कि वह एक आयुष्मान बनाने का 35 से 40 हजार रुपये लेते हैं। इस मामले में पुलिस ने पूर्व में ही आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी लिख ली थी।
इस पूरे खेल की परत तब खुली जब नवाबगंज क्षेत्र के हरप्रसाद अपनी बेटी को इलाज के लिए ऋषिकेश एम्स लेकर पहुंचे। आरोप है कि आबिद और उसके साथियों ने हरप्रसाद से 47 हजार रुपये लेकर उनके और उनकी बेटी के आधार कार्ड में हेरफेर कर आयुष्मान कार्ड तैयार कराया था।

अस्पताल में कार्ड की असलियत सामने आई तो इलाज नहीं हो सका। हरप्रसाद ने रुपये वापस मांगे तो उन्हें टरकाया जाने लगा। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और भोजीपुरा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि अपात्र लोगों को मुफ्त इलाज का लालच देकर उनसे आधार और राशन कार्ड लिए जाते थे। इनमें फर्जी तरीके से नाम-पते दर्ज कर आयुष्मान कार्ड बनवाए जाते और बदले में प्रत्येक व्यक्ति से करीब 35 से 40 हजार रुपये वसूले जाते थे।
इसके बाद इन्हीं कार्डों वह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अस्पतालों में उनका उपचार कराते थे। पुलिस की पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उनके इस गिरोह में एक मेडिकल काॅलेज का कर्मचारी और संभल सीएमओ कार्यालय तैनात कर्मचारी नरेश भी उनके गिरोह में शामिल था।
पुलिस ने इस मामले में भोजीपुरा के आबिद, सलमान, इज्जतनगर के अरमान, भोजीपुरा के अफरोज और देवरनिया के देशपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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