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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Agra News: मां बाबूजी को ले आना, बहुत याद आ रही है...राजकीय शिशु गृह में बच्ची से मिलने पहुंची पालनहार मां, भावुक है इनकी कहानी

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Saxena
Published: Wed, 13 Dec 2023 09:46 AM (IST)

Agra News आगरा के राजकीय शिशु गृह में बच्ची से मिलने पहुंची थी पालनहार मां तो बेटी बोली बाबूजी की ...और पढ़ें

Agra News: राजकीय शिशु गृह में नन्हीं बुआ को देख दुलार जताने लगी अबोध
Agra News: राजकीय शिशु गृह में नन्हीं बुआ को देख दुलार जताने लगी अबोध

HighLights

  1. आगरा में राजकीय शिशु में रह रही है एक बच्ची
  2. किन्नर ने सौंपी थी बेटी, अब कानूनी लड़ाई लड़ रही पालनहार मां

जागरण संवाददाता, आगरा। मां बाबूजी को ले आना, बहुत याद आ रही है। अगली बार उन्हें ले आना। मंगलवार को पालनहार मां बेटी से मिलने गईं राजकीय बाल गृह आई थी पालनहार मां को सामने देख बेटी खुशी से भर उठी। परिवार के एक-एक सदस्य के हालचाल पूछने लगी।

अपने दिल का हाल बताने लगी। नौ वर्षीय बच्ची चार महीने की जिस अबोध भतीजी को घर में छोड़ आई थी। उसे देखते खिल उठी। वहीं सवा साल की अबोध भी दादी की गोद से उतरकर नन्हीं बुआ पर दुलार लुटाने लगी।

मासमू बच्ची भी बुआ के पास जाने को मचलने लगी

मुलाकात के बाद बाहर आने पर वह बार-बार राजकीय शिशु गृह में बुआ के पास को मचलने लगी। पालनहार मां ने पूछा कि बुआ कहां है, तो हाथ उठा राजकीय बाल गृह की ओर इशारा करने लगती। दादी ने नातिन को किसी तरह मनाया और उनकी आंखों में आंसू आ गए। पालनहार मां ने बताया कि वह बेटी के सामने नहीं रोती हैं, इससे वह परेशान हो जाएगी।बेटी को उदास देख उनका भी मन नहीं लगेगा।

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किन्नर नवजात को देकर चला गया था

नंदलालपुर खंदौली की रहने वाली महिला को नवंबर 2014 में किन्नर नवजात बच्ची को देकर चला गया था। सात वर्ष बाद विवाद होने पर बच्ची अगस्त 2022 में राजकीय बाल गृह में रह रही है। पालनहार मां ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में बच्ची को अपनी सिपुर्दगी में लेने को याचिका दायर की है। इसमें 23 नवंबर को सुनवाई के दौरान शहर के व्यक्ति ने बच्ची के जैविक पिता होने का उच्च न्यायालय में दावा प्रस्तुत किया।

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जैविक पिता होने का किया है दावा

न्यायालय ने जैविक पिता होने का दावा करने वाले व्यक्ति और बच्ची का डीएनए परीक्षण कराने के आदेश किए।दोनों का नमूना फोरेंसिक लैब भेजा गया है। मामले में अगली सुनवाई अब 29 जनवरी 2024 को होनी है।उच्च न्यायालय ने पालनहार मां को बेटी से मुलाकात करने के निर्देश दिए हैं। यह मुलाकात प्रत्येक मंगलवार जिला प्रोबेशन अधिकारी की मौजूदगी में होगी।