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    UP News: लोकसभा चुनाव से पहले कमजोर पड़ा बसपा का गठबंधन!, छह महीने में तीसरी बार बदला आगरा में बसपा जिलाध्यक्ष

    By Ambuj UpadhyayEdited By: Abhishek Saxena
    Updated: Wed, 18 Oct 2023 08:43 AM (IST)

    UP Political News In Hindi Agra लोकसभा चुनाव की तैयारियों से पहले आगरा में बसपा जिलाध्यक्ष का बदलाव किया गया है। बैठक में संख्या कम रहने पर पूर्व सांसद मुनकाद अली ने नाराजगी जताई थी। जिससे विवाद होने के बाद जिलाध्यक्ष सुमित सेन ने इस्तीफा दे दिया था। लोकसभा चुनाव से पहले बसपा संगठन मजबूत नहीं कर पा रही है।

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    Agra News: आगरा में फिर बदला बसपा का जिलाध्यक्ष।

    जागरण संवाददाता, आगरा। बसपा ने छह महीने में तीसरी बार अपने जिलाध्यक्ष में बदलाव किया है और विमल वर्मा को आगरा जिले की कमान सौंपी है।

    पूर्व सांसद मुनकाद अली ने सोमवार को कालिंदी विहार स्थित बसपा कार्यालय पर आयोजित बैठक में विवाद के बाद मौजूदा जिलाध्यक्ष सुमित सेन ने इस्तीफा दे दिया था। निकाय चुनाव से ठीक पहले मौजूदा अध्यक्ष जितेंद्र कुमार जीतू को हटा उनको जिम्मेदारी दी गई थी।

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    आगरा में कमजोर हो रहा बसपा का गठबंधन

    अनुसूचित वर्ग की राजधानी कहे जाने वाले आगरा में बसपा संगठन कमजोर होता जा रहा है। सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोलने और संघर्ष के आयोजन लंबे समय से नहीं हुए हैं और कोरम पूरा करने के लिए होने वाली बैठकों में भी भागीदारी कम ही रह रही है। इसके पीछे आए दिन होने वाले बदलाव और आपसी खींचतान भी है।

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    सोमवार को कालिंदी विहार स्थित बसपा कार्यालय पर मंडलस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। बैठक लेने पूर्व सांसद मुनकाद अली आए थे। बैठक में पदाधिकारियों और सदस्यों के उपस्थित नहीं रहने पर उन्होंने सवाल उठाया था। इसको लेकर उनकी जिलाध्यक्ष से तीखी नोकझोंक हो गई थी।

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    सुमित सेन ने दबाव बनाए जाने की बात कहते हुए अपना इस्तीफा प्रदेश नेतृत्व को भेज दिया था। इसके बाद पार्टी ने पूर्व में अध्यक्ष रह चुके विमल वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी है। वे भी पार्टी के परंपरागत वोट बैंक जाटव समाज से ही हैं। वर्मा के अध्यक्ष बनने के बाद इंटरनेट मीडिया पर बसपा कार्यकर्ताओं की ओर से प्रतिक्रिया आ रही है। कोई बेहतर नेतृत्व बता रहा है तो कोई बदलाव को लेकर नाराजगी जता रहा है।