Ayush College: 13 एकड़ में बनेगा आयुष महाविद्यालय, मरीजों को भी मिलेगा इलाज
आगरा में 13 एकड़ में आयुष महाविद्यालय बनेगा जिसमें आयुर्वेद होम्योपैथी यूनानी और नेचुरोपैथी के पाठ्यक्रम होंगे। मेडिकल कॉलेज की तरह विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों का इलाज करेंगे। जिला प्रशासन द्वारा निशुल्क भूमि दी जाएगी और प्रदेश सरकार बजट देगी। बीएएमएस बीएचएमएस बीयूएमएस बीएनवाईएस जैसे पाठ्यक्रम होंगे। जिले में दो आयुष अस्पताल भी बनेंगे और बुंदूकटरा में आयुर्वेदिक केंद्र खुलेगा।

जागरण संवाददाता, आगरा। ताजनगरी में 13 एकड़ में आयुष महाविद्यालय बनेगा, इसमें आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और नेचुरोपैथी के स्नातक, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके साथ ही मेडिकल कालेज की तरह से विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों का इलाज भी करेंगे। आयुष महाविद्यालय के लिए जमीन की तलाश की जा रही है।
मधुमेह, कब्ज, घुटनों के दर्द से लेकर कैंसर का इलाज मरीज आयुर्वेद, होम्योपैथी सहित अन्य पद्धति से भी करा रहे हैं। मगर, अभी अन्य चिकित्सा पद्धति के चिकित्सकों की संख्या बहुत कम है। ऐसे में आयुष महाविद्यालय खोले जा रहे हैं।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा एमएस आलम ने बताया कि 13 एकड़ में आयुष महाविद्यालय बनाया जाना है। इसके लिए जमीन देखी जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा आयुष महाविद्यालय के लिए निश्शुल्क जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। महाविद्यालय के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा बजट आवंटित किया जाएगा।
इसमें बैचलर आफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस), बैचलर आफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएचएमएस) बैचलर आफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (बीयूएमएस) बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज (बीएनवाईएस) पाठ्यक्रम सहित डिप्लोमा और सटिफिकेट कोर्स संचालित किए जाएंगे। इसके साथ ही मरीजों को इलाज भी मिलेगा।
50 और 25 बेड के दो आयुष अस्पताल भी बनेंगे
जिले में 22 आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं, इसमें से दो चिकित्सक सीएचसी और सात चिकित्सक पीएचसी पर कार्यरत हैं। ऐसे में आयुष विभाग द्वारा 2018 में 50 बेड का अस्पताल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। 50 बेड की क्षमता के अस्पताल के लिए जमीन चिन्हित की गई है।
वहीं, 25 बेड के अस्पताल के लिए अरतौनी में जमीन मिलने की उम्मीद है। पर्यटन विभाग के सहयोग से बुंदूकटरा में 10 बेड का आयुर्वेदिक केंद्र स्थापित करने का भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसमें पर्यटकों का आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज किया जाएगा।
आयुष महाविद्यालय में स्नातक के ये पाठ्यक्रम होंगे संचालित
- आयुर्वेद बीएएमएस
- होम्योपैथी बीएचएमएस
- यूनानी बीयूएमएस
- नेचुरोपैथी बीएनवाईएस
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