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इंडियन एयरफोर्स में पायलट बने आयुष चाहर, माता-पिता विंग्स लगाकर हुए भावुक

Published: Sun, 14 Dec 2025 12:47 PM (IST)Updated: Sun, 14 Dec 2025 03:23 PM (IST)

रोहता क्षेत्र के बमरौली अहीर रोड निवासी सत्येंद्र सिंह चाहर के पुत्र आयुष चाहर भारतीय वायु सेना में पायलट बने। ...और पढ़ें

स्वजन के साथ पायलट आयुष चाहर।

स्वजन के साथ पायलट आयुष चाहर।

HighLights

  1. आयुष चाहर बने भारतीय वायु सेना में पायलट

  2. 13 दिसंबर को पासिंग आउट परेड में कमीशन

  3. माता-पिता ने विंग्स लगाकर दी शुभकामनाएं

संवाद सूत्र, जागरण–मलपुरा। ग्वालियर रोड रोहता क्षेत्र के बमरौली अहीर रोड निवासी सत्येंद्र सिंह चाहर के पुत्र आयुष चाहर ने भारतीय वायु सेना में पायलट बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। फ्लाइंग ऑफिसर आयुष चाहर का 13 दिसंबर 2025 शनिवार को आयोजित पासिंग आउट परेड में कमीशन हुआ, जिसके साथ ही उन्हें भारतीय वायु सेना में पायलट के पद पर नियुक्ति मिली।

आयुष ने पास की थी एनडीए परीक्षा

आयुष चाहर ने बताया कि उन्होंने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2021 में एनडीए की परीक्षा दी थी, जिसमें उन्हें सफलता प्राप्त हुई। इसके बाद उनकी तीन वर्ष की कठिन सैन्य प्रशिक्षण नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए), पुणे महाराष्ट्र में संपन्न हुई। एनडीए प्रशिक्षण के उपरांत उन्होंने एक वर्ष की विशेष उड़ान प्रशिक्षण एयर फोर्स अकेडमी, हैदराबाद में प्राप्त की। कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बाद 13 दिसंबर, शनिवार को पासिंग आउट परेड के दौरान उन्हें कमीशन प्रदान किया गया।

पिता और मां ने लगाए विंग्स

उनके पिता सत्येंद्र सिंह एवं माता बबीता रानी ने स्वयं बेटे को विंग्स लगाकर शुभकामनाएं दीं। यह पल पूरे परिवार के लिए भावुक और गर्व से भरा रहा। फ्लाइंग ऑफिसर आयुष चाहर की प्रारंभिक शिक्षा सेंट क्लियर स्कूल से हुई, जो आर्मी एरिया के भीतर स्थित है।

आयुष बताते हैं कि बचपन से ही सैनिकों को अनुशासन और देशभक्ति के साथ ड्यूटी करते देख उनके मन में भी देश सेवा की भावना जागृत हुई, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।