आगरा, राजीव शर्मा। सरकारी कार्यालय। नाम सुनते ही जेहन मेंं जो तस्‍वीर उभरती है, वह ये कि यहां तैनात हर आदमी की काम टालने की प्रवृत्ति। फाइल इस मेज से दूसरी मेज और आवेदक को अगली बार आने की नसीहत। कभी साहब छुट्टी पर तो कभी बाबू अवकाश पर। लेकिन आगरा में आज भी ऐसे अधिकारी हैं, जिनकी कार्यप्रणाली को देख लोग हैरान हो गए। अनायास दिल से सलाम निकल उठा। समाज कल्‍याण विभाग की पेंशन पाने के लिए भटक रहीं महिलाओं की पीड़ा, अधिकारी के कानों में उस समय पड़ी, जब वे खुद सिटी बस में घर से दफ्तर तक का सफर कर रहे थे। पास बैठी महिलाओं सुनकर उन्‍होंने बस में बैठे-बैठे ही प्रक्रिया पूरी कराई और बस से उतरकर जब दफ्तर तक पहुंचे, तब तक पेंशन संबंधी सभी औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी थीं। महिलाओं के दिल से इस अधिकारी के लिए दुआएं निकल रही हैं।

ईदगाह निवासी उपनिदेशक विजय प्रताप यादव गुरुवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे सिटी बस से संजय प्लेस स्थित अपने कार्यालय जा रहे थे। वह साईं का तकिया चौराहा से सिटी बस में सवार हुए। जिस सीट पर बैठे थे, उसी पर दो बुजुर्ग महिलाएं बैठी थीं। इनमें से नरीपुरा, भीमनगर निवासी शकुंतला की वृद्धावस्था पेंशन जनवरी 2021 से रुकी हुई थी।भीमनगर की ही एक अन्य महिला पेंशन संबंधी आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी के लिए समाज कल्याण विभाग जा रही थी। इससे पहले भी दोनों महिलाएं समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट चुकी थीं लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। इससे दोनों आहत थीं।

विभाग की उदासीनता काे लेकर एक-दूसरे से अपना दर्द बयां कर रही थीं।उपनिदेशक बगल की सीट पर बैठकर ये सब सुनते रहे। दोनों को दुखी देख उन्होंने सफर के दौरान ही शकुंतला से परेशानी का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि दिसंबर 2020 तक उन्हें पेंशन का लाभ मिला था लेकिन जनवरी 2021 से उनकी पेंशन रुक गई है। उपनिदेशक ने वृद्धा के जरूरी दस्तावेज देख और स्कैन करके अपने मोबाइल फोन से कार्यालय के संबंधित कर्मचारी भेज दिया।

दोनों महिलाओं को लेकर जब तक वह अपने कार्यालय पहुंचे तब तक कर्मचारी ने पूरी जानकारी एकत्रित कर ली थी। पता चला कि महिला का ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में खाता था। ये बैंक अब पंजाब नेशनल बैंक में मर्ज हो चुकी है। इसके चलते महिला का खाता लिंक नहीं हो पा रहा था। इसके चलते उसकी पेंशन रुकी हुई थी। उपनिदेशक ने तत्काल महिला का खाता अपडेट कराया। उनका कहना है कि अगले महीने से वृद्धा को पेंशन का लाभ मिलने लगेगा। इधर, साथ ही आई दूसरी वृद्धा को भी पेंशन संबंधी जरूरी दस्तावेज संबंधी जानकारी दे दी गई। दोनों महिलाएं समाज कल्याण विभाग की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए विदा हुईं।

बस या आटो से दफ्तर आते हैं उपनिदेशक

उपनिदेशक विजय प्रताप यादव का कहना है कि विभागीय वाहन उपलब्ध न होने के कारण वह हर रोज सिटी बस या आटो से ही अपने दफ्तर आते-जाते हैं। समाज कल्याण अधिकारी परितोष श्रीवास्तव के अवकाश होने के कारण उपनिदेशक, अल्पसंख्यक के पास ही उनका कार्यभार है।

Edited By: Tanu Gupta