आगरा, जागरण संवाददाता। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सर्विसेज परीक्षा 2020 में आगरा की अंकिता जैन ने तीसरी रैंक प्राप्त कर शहर का नाम रोशन कर दिया। उन्होंने कहा कि पापा कहते थे- कलक्टर बनना है, कलक्टर, कलक्टर।...मैं बन गई कलक्टर।

अंकिता का पिछले साल आडिट एंड एकाउंट सर्विसेज में चयन हुआ था, वह वर्तमान में मुंबई में तैनात हैै। मूल रूप से अलवर (राजस्थान) निवासी सुशील कुमार जैन की पुत्री अंकिता जैन की शादी आगरा के डिफेंस एस्टेट निवासी अभिनव जैन से इसी साल जुलाई में हुई है। आइपीएस अफसर अभिनव वर्तमान में महाराष्ट्र में एसीपी हैं। अंकिता ग्वालियर रोड स्थित ईश्वर नर्सिंग होम के संचालक डाक्टर दंपती डा. राकेश त्यागी और डा. सविता त्यागी की पुत्रवधू हैं।

अंकिता जैन ने 'जागरण' को फोन पर बताया कि उन्होंने दिल्ली के विक्टोरिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 10वीं की परीक्षा 91.6 फीसद और 12वीं की परीक्षा 94 फीसद से पास की। दिल्ली टेक्नीकल विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है। जब वह कक्षा आठ में थीं, पापा तभी से उन्हें आइएएस अफसर बनने के लिए प्रेरित करते थे। कहते थे कि कलक्टर बनना है। और, देखो कि आज मुझे कामयाबी मिल गई। अंकिता ने बताया कि चौथे प्रयास में ये सफलता पाई है। वह 2017 से यूपीएससी की तैयारी कर रही थीं।

बहन की आई 21वीं रैंक

यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा 2020 में सिर्फ अंकिता ने ही नहीं, उनकी दिल्ली निवासी छोटी बहन वैशाली ने भी सफलता पाई है। उनकी 21वीं रैंक आई है। दिल्ली निवासी अंकिता के पिता सुशील जैन पेशे से बिल्डर है। उनकी मांग अनीता जैन गृहणी हैं। भाई सौरभ इंजीनियर हैं।

दो महीने पहले हुई शादी

अंकिता जैन की सफलता पर उनकी ससुराल में खुशी का माहौल है। उनके ससुर डॉ. राकेश त्यागी ने बताया कि इस साल सात जुलाई को उनके बेटे की शादी मूलरूप से दिल्ली शास्त्री नगर की रहने वाली अंकिता जैन से हुई थी। अभी अंकिता मुंबई में हैं। उनके ससुर डा. राकेश त्यागी और सास डाा. सविता त्यागी का ग्वालियर रोड पर नर्सिंग होम है।

इस रैंक की नहीं थी उम्मीद

अंकिता बताती हैं कि उनका पेपर काफी अच्छा हुआ था, इसलिए उन्हें सफलता मिलने की उम्मीद थी, लेकिन परिणाम इतना अच्छा होगा, उन्होंने नहीं सोचा था। वह महिला सशक्तीकरण और चाइल्ड डवलपमेंट पर काम करना चाहती हैं।

सूचनाओं को फिल्टर करना जरूरी

2018 में उनका चयन आडिट एंड एकाउंट सर्विसेज में हुआ। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें सिल्वर मेडल मिला था। वह वर्तमान में मुंबई में तैनात हैं। अंकिता मानती हैं कि यूपीएससी बेसिक पर आधारित परीक्षा है, इसलिए इसकी तैयारी करते समय बेसिक को कभी न छोड़ें। आनलाइन और इंटरनेट पर बहुत सारी जानकारी तो आसानी से उपलब्ध है, लेकिन उसको फिल्टर करना जरूरी है, नहीं तो आप भटक सकते हैं। घंटे गिनकर पढ़ाई करने से बेहतर है कि जितना समय मिले क्वालिटी पढ़ाई करें। गलतियां सभी करते हैं, लेकिन उनसे सबक लेकर आगे बढ़ें और लगातार प्रयास करते रहें। यूपीएससी परीक्षा के लिए उन्होंने मानव शास्त्र को वैकल्पिक विषय चुना था। उनका मानना है कि आइएएस अधिकारी बनने और वंचितों की सेवा करने का उनका सपना पूरा हो गया। उन्होंने कहा कि गांवों का विकास, रोजगार सृजन और देश के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन पर वह ध्यान देंगी। उन्होंने कहा कि किसी भी सफलता के लिए आत्मविश्वास जरूरी है। निरंतर परिश्रम का लक्ष्य कामयाबी की ओर अग्रसर करता है। वह कहती हैं कि किसी भी उड़ान के लिए हौसला होना चाहिए। इस परीक्षा की तैयारी के लिए अनुशासन बहुत जरूरी है। उनका रूटीन प्रतिदिन निश्चित समय पर उठना, थोड़ा शारीरिक व्यायाम और हेल्दी खाना के साथ-साथ पांच से छह घंटे पढ़ने का लक्ष्य था।

Edited By: Prateek Gupta