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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Agra News: कलेक्ट्रेट में डीएम ने पकड़ा प्राइवेट कर्मचारी, रिकॉर्ड रूम में आठ साल से कर रहा था कार्य

Published: Sat, 31 May 2025 03:05 PM (IST)

आगरा के कलेक्ट्रेट में डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने रिकॉर्ड रूम में एक प्राइवेट कर्मचारी को रंगे हाथ पकड़ा। कर्मचारी ...और पढ़ें

आगरा कलेक्ट्रेट की फाइल फोटो का प्रयोग किया गया है।
आगरा कलेक्ट्रेट की फाइल फोटो का प्रयोग किया गया है।

HighLights

  1. डीएम ने रिकॉर्ड रूम में पकड़ा प्राइवेट कर्मचारी |
  2. आठ साल से कर रहा था काम |
  3. विभागीय जांच के डीएम ने दिए आदेश |

जागरण संवाददाता, आगरा। कलेक्ट्रेट हो या फिर तहसील सदर सहित अन्य तहसीलें। एडीएम और सभी एसडीएम ने डीएम के आदेश को दरकिनार कर दिया है। दो सप्ताह पूर्व हिदायत भी भूल गए। प्रशासनिक अधिकारियों की लचर कार्यशैली के चलते निजी कर्मचारी कार्य कर रहे हैं।

शुक्रवार को डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कलेक्ट्रेट स्थित रिकार्ड रूम में एक निजी कर्मचारी को रंगे हाथ पकड़ लिया। दस्तावेज के साथ पकड़े गए कर्मचारी को पुलिस के हवाले कर दिया। देर शाम पुलिस ने निजी कर्मचारी पर मुकदमा दर्ज कर लिया। कर्मचारी की मां सरोज देवी कलेक्ट्रेट से चपरासी पद से सेवानिवृत्त हुई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट आदेश हैं कि सरकारी कार्यालयों में निजी कर्मचारी किसी भी रूप में कार्य नहीं करेंगे। डीएम द्वारा इसे लेकर नियमित अंतराल में दिशा निर्देश जारी किए गए। दो सप्ताह पूर्व डीएम ने सभी एडीएम, एसडीएम सहित अन्य को निजी कर्मचारी के कार्य न करने की हिदायत दी।

औचक निरीक्षण की बात कही। शुक्रवार दोपहर डीएम कलक्ट्रेट सभागार में बैठक कर रहे थे। इस बीच एक अधिवक्ता ने 50 मीटर की दूरी पर स्थित रिकॉर्ड रूम में निजी कर्मचारी शनि कश्यप के कार्य करने की शिकायत की। डीएम ने औचक निरीक्षण किया तो पोल खुलकर सामने आ गई। डीएम ने रंगे हाथ शनि कश्यप को पकड़ लिया। सीसीटीवी कैमरों की जांच की और डीएम ने नाराजगी जताई।

डीएम ने कहा कि आखिर किस तरीके से निजी कर्मचारी कार्य कर रहा है। डीएम के सवालों का जवाब अधिकारियों के पास नहीं था। कुछ ही देर में पुलिस पहुंच गई और शनि को नाई की मंडी थाना लेकर आई। देर शाम मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पूछताछ में पता चला कि आठ साल से शनि कार्य कर रहा था। वहीं डीएम ने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

अलबतिया के शनि की मां छह साल पूर्व कलेक्ट्रेट से सेवानिवृत्त हुई हैं। वह चपरासी पद पर कार्यरत थीं। सवाल यह है कि रिकॉर्ड रूम में गोपनीय दस्तावेज होते हैं। ऐसी जगह पर निजी कर्मचारी का कार्य करना सुरक्षा के लिए खतरा है।

आठ कार्यरत थे कर्मचारी

कलेक्ट्रेट सभागार के ठीक सामने स्थित रिकॉर्ड रूम में 15 दिन पूर्व आठ निजी कर्मचारी कार्यरत थे। डीएम की हिदायत के बाद कर्मचारियों को हटा दिया गया था। शुक्रवार को शनि कश्यप को एक फाइल खोजने के लिए बुलाया गया था।

एडीएम न्यायिक हैं प्रभारी अधिकारी

रिकॉर्ड रूम के प्रभारी अधिकारी एडीएम न्यायिक धीरेंद्र कुमार हैं। रिकॉर्ड रूम प्रभारी उमेश सक्सेना हैं। पटवारी फंड का कार्य राजेंद्र सिंह देख रहे हैं।

होगी कार्रवाई

डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कहना है कि रिकॉर्ड रूम में निजी कर्मचारी शनि को पकड़ा गया है। आखिर किसके आदेश पर वह कार्य कर रहा था। इसकी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई होगी।