आगरा में त्रेतायुग का अनुभव, आज निकलेगी ऐतिहासिक राम बरात; 168 झांकियां और ऐरावत हाथी पर होंगे श्रीराम
आगरा में आज ऐतिहासिक राम बरात निकलेगी, जिसमें 168 झांकियां और ऐरावत हाथी पर प्रभु श्रीराम शामिल होंगे। यह महोत्सव सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और देशभक्ति का संदेश देगा।

वाटर वर्क्स स्थित अग्रवन में सोमवार को आयोजित मेहंदी कार्यक्रम में मंच पर विराजमान भगवान श्री राम,लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूप। जागरण
HighLights
प्रभु श्रीराम ऐरावत हाथी वाले रथ पर सवार होंगे।
राम बरात में कुल 168 झांकियां शामिल होंगी।
यह महोत्सव सनातन संस्कृति और देशभक्ति का संदेश देगा।
जागरण संवाददाता, आगरा। ढोल-नगाड़ों की गूंज, सनातन धर्म की पताकाएं, आस्था से सजी झांकियों का कारवां और ऐरावत हाथी वाले रथ पर विराजमान रघुवर... मंगलवार को जब उत्तर भारत के पारंपरिक श्रीरामलीला महोत्सव की ऐतिहासिक रामबरात निकलेगी, तो आगरा त्रेतायुग की अयोध्या का रूप लेता नजर आएगा। रामबरात सिर्फ झांकियों का जुलूस नहीं, सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, देशभक्ति, आध्यात्मिकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगा। 168 झांकियों से सजी वरयात्रा में देश के विभिन्न हिस्सों की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के साथ समसामयिक संदेश दिखाई देंगे।
श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने बताया कि रामबरात का शुभारंभ दोपहर ठीक तीन बजे रावतपाड़ा चौराहा से गणेशजी की झांकी के साथ होगा।
विधायक ने कहा कि शुरुआती पांच झांकियां गणेश जी के विभिन्न स्वरूपों की होंगी। सभी झांकियां दरेसी नंबर एक पर एकत्र होकर निर्धारित क्रम में आगे बढ़ेंगी। हमारा लक्ष्य है कि रात 11 बजे तक बारात की सभी झांकियां बेलनगंज पहुंच जाएं, ताकि अगले दिन जनकपुरी स्थित गणपति किंग्स काउंटी में प्रभु श्रीराम के स्वरूप समय पर पहुंच सकें।
ऐरावत पर रघुवर, आगे चलेगा लक्ष्मी-नारायण का रजत रथ
रामबरात में सबसे मनोहारी दृश्य तब दिखेगा, जब प्रभु श्रीराम ऐरावत हाथी वाले रथ पर सवार होकर वरयात्रा में शामिल होंगे। अनुज लक्ष्मण शेषनाग वाले रथ पर और भरत-शत्रुघ्न अपने-अपने रथ पर विराजमान होंगे। चारों भाइयों के आगे श्रीलक्ष्मी-नारायण का रजत रथ अगवानी करता चलेगा। शृंगार कमेटी प्रभारी राहुल शर्मा ने बताया कि चारों भाइयों के मुकुट और पोशाक पिछले दो माह से बारहद्वारी में तैयार किए जा रहे हैं। रजत मुकुटों और पारंपरिक पोशाकों से चारों स्वरूपों की दिव्यता और निखरेगी।
रामबरात में दिखेगा लघु भारत
रामबरात प्रभारी प्रवीण स्वरूप बंसल ने बताया कि रामबरात में लघु भारत की झलक दिखेगी। दक्षिण से उत्तर भारत तक के प्राचीन मंदिरों की झांकियां शामिल होंगी। इनमें मीनाक्षी मंदिर, सेठ सांवरिया मंदिर, वैष्णो देवी, मेवों से बने बालाजी और कैलाश मानसरोवर की झांकियां प्रमुक हैं। आठ फीट के गणेश जी हाथ जोड़कर प्रभु श्रीराम की अगवानी करेंगे। पांच मूषकों के साथ गणेशजी, शिव-पार्वती के साथ गणेशजी के स्वरूप दिखाई देंगे। उत्तराखंड, महाराष्ट्र, केरल, असम, पश्चिम बंगाल और राजस्थान की सांस्कृतिक झलक के साथ नींब करौरी बाबा और शैय्या पर भीष्म पितामह की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
सामाजिक सरोकारों से राष्ट्रभक्ति तक संदेश
महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि 168 झांकियों में सामाजिक समरसता, देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण देंगी। सिर्फ महिलाओं से मेहंदी लगवाने, विद्युत शवदाह गृह के प्रयोग, संयुक्त परिवार, वसुधैव कुटुंबकम की झांकियां सामाजिक संदेश देंगी। राष्ट्रभक्ति की झांकियों में भारतीय सैनिकों के आतंकवाद से संघर्ष, गदर, क्रांति और लोहा जैसी फिल्मों के देशभक्ति दृश्यों को भी झांकियां प्रदर्शित करेंगी। रामबरात में इस बार कई विंटेज कारें शामिल होंगी।
पिछले वर्ष एक विंटेज कार शामिल हुई थी। सनातन धर्म की ध्वजा थामे सैकड़ों श्रद्धालु भी वाहनों के साथ इस ऐतिहासिक यात्रा के सहभागी बनेंगे।
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मर्यादा रहेगी सर्वोपरि, दो एंबुलेंस रहेंगी साथ
रामबरात में धार्मिक गरिमा और अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर रहेगा। कोई भी झांकी सड़क पर नाचते हुए नहीं चलेगी। सिर्फ मां काली का अखाड़ा अपनी पारंपरिक प्रस्तुति देगा। कमेटी की अपील है कि रामबरात की आड़ में कोई अमर्यादित गतिविधि होती दिखे, तो तत्काल पदाधिकारियों को सूचित करें। तारा चंद, विजय गोयल, मुकेश जौहरी, टीएन अग्रवाल, रामकिशन, विष्णु दयाल, अंजुल बंसल, सुधांशु खंडेलवाल, मनोज अग्रवाल, दिलीप अग्रवाल, संजय तिवारी, शैलेश अग्रवाल और हनी अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
