आगरा, सुबान खान। दुनिया के नक्शे में शुमार सूर सरोवर पक्षी विहार की कीठम झील में इस बार परिंदों की आमद इतनी हुई कि नया साल कीठम झील के लिए ‘इक्कीस’ साबित हुआ है। प्रवासी और अप्रवासी जलीय जीवों की 70 प्रजातियां झील के जल में क्रीड़ा कर रही हैं। सबसे ज्यादा नोर्दन शोवलर और बार हेडेड गूज पहुंची हैं। पिछले वर्ष से 1875 पक्षी ज्यादा पहुंचे हैं।

कीठम स्थित सूर सरोवर पक्षी विहार की कीठम झील में अंतरराष्ट्रीय संस्था वेटलैंड इंटरनेशनल की ओर से एशियन वाटर बर्ड सेंसेक्स के तहत वार्षिक गणना की गई थी। वेटलैंड इंटरनेशनल के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में झील में 47 प्रजातियों के 3374 पक्षी पहुंचे थे, लेकिन इस बार वर्ष 2021 में 70 प्रजातियों के 5249 पहुंचे हैं। जो प्रवासी और अप्रवासी जलीय पक्षी हैं। नोर्दन शोवलर की संख्या 1264 से बढ़कर 1826 हो गई और बार हेडेड गूज की संख्या में भी 679 बढ़ोतरी हई है, लेकिन खास बात यह है कि इस बार कामन टील कम मिली है।

हर वर्ष होती है गणना

अंतरराष्ट्रीय संस्था वेटलैंड इंटरनेशनल हर वर्ष वाटर बर्ड की गणना (एशियन वाटर बर्ड सेंसेक्स) करता है। जो जनवरी में विश्व के 27 देशों में होती है। जलीय जीवों की यह रिपोर्ट को इंटरनेशनल यूनियन फार कंजर्वेशन आफ नेचर (आइयूसीएन) में सम्मलित होती है। आइयूसीएन संस्था सभी देशों में पहुंचे पक्षियों के आंकड़े जारी करती है। कीठम झील में बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डवलपमेंट सोसायटी और वन विभाग के साथ गणना की गई है।

रामसर साइट में सुखद परिणाम

इंटरनेशनल यूनियन फार कंजर्वेशन आफ नेचर (आइयूसीएन) के सदस्य व ईकोलाजिस्ट टीके राय ने बताया कि इस बार पक्षियों की संख्या में इजाफा हुआ है। कीठम झील में सबसे ज्यादा नोर्दन शोवलर व बार हेडेड गूज देखी गई है। रामसर साइट में शुमार सूर सरोवर पक्षी विहार के लिए यह सुखद परिणाम है। 

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