आगरा में GST फर्जीवाड़ा: 42 फर्मों ने किया 330 करोड़ का इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाला, 33 मुकदमे दर्ज
राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग ने आगरा में 42 फर्जी फर्मों का खुलासा किया है, जिन्होंने कागजों पर 330 ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
आगरा में 42 फर्जी फर्मों ने 330 करोड़ का ITC पास किया।
राज्य वस्तु एवं सेवा कर ने 33 मुकदमे दर्ज किए।
विभाग ने 368 करोड़ रुपये की बकायेदारी निकाली, जांच जारी।
जागरण संवाददाता, आगरा। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में फर्जी फर्मों द्वारा इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास ऑन कर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की क्षति पहुंचाकर बड़ा खेल किया गया है। राज्य वस्तु एवं सेवा कर ने एक वर्ष में 42 फर्जी फर्मों को पकड़ा है, जिनके विरुद्ध 33 मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इनमें 33 फर्में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) और 9 फर्में राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) में पंजीकृत थीं।
विभाग ने जीएसटी अधिनियम के अनुसार कार्रवाई करते हुए इन फर्मों पर 368 करोड़ रुपये की बकायेदारी निकाली है। पुलिस जांच में जुटी हुई है।
राज्य वस्तु एवं सेवा कर ने एक वर्ष में दर्ज कराए 33 मुकदमे
विभाग द्वारा रिटर्न की जांच के आधार पर पकड़ी गई फर्जी फर्मों ने कागजों में खरीद दर्शाते हुए 330 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास आन किया था। वास्तविक खरीद की ही नहीं गई थी। इनमें एसजीएसटी में पंजीकृत फर्मों ने 112 करोड़ और सीजीएसटी में पंजीकृत फर्मों ने 218 करोड़ रुपये की आईटीसी पास ऑन की थी। जानकारी मिलने पर विभाग ने 16.64 करोड़ रुपये की आईटीसी ब्लॉक भी कराई। इसमें एसजीएसटी में पंजीकृत फर्मों की 12 करोड़ रुपये और सीजीएसटी में पंजीकृत फर्मों की 4.64 करोड़ रुपये की आइटीसी ब्लाक की गई। विभाग ने 7.7 करोड़ रुपये की रिकवरी भी इस अवधि में की।
जीएसटी अधिनियम के अनुसार फर्जी फर्मों पर 361 करोड़ की बकायेदारी
एसजीएसटी में पंजीकृत फर्मों से 6.5 करोड़ रुपये और सीजीएसटी में पंजीकृत फर्मों से 1.1 करोड़ रुपये की रिकवरी की गई। विभाग ने जीएसटी अधिनियम में कार्रवाई करते हुए 361 करोड़ रुपये की बकायेदारी फर्मों पर निकाली है। इसमें एसजीएसटी की पंजीकृत फर्मों पर 168 और सीजीएसटी में पंजीकृत फर्मों पर 193 करोड़ रुपये बकायेदारी है।
अपर आयुक्त ग्रेड वन पंकज गांधी ने बताया कि फर्मों के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी है। अधिकांश फर्में सीजीएसटी में पंजीकृत थीं। पुलिस ने सात मामलों में गिरफ्तारी भी की है।
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