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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भक्तों में आई बहार, खुल गया मां का दरबार.... तीन दिन बाद शुरू हुई वैष्णो देवी यात्रा; दर्शन करने पहुंचे इतने हजार लोग

Published: Thu, 09 Oct 2025 11:53 AM (IST)Updated: Thu, 09 Oct 2025 12:19 PM (IST)

मौसम में सुधार के बाद माता वैष्णो देवी (Mata Vaishno Devi) की यात्रा फिर से शुरू हो गई है। तीन ...और पढ़ें

तीन दिन बाद मां वैष्णो देवी की यात्रा शुरू, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु। फाइल फोटो

तीन दिन बाद मां वैष्णो देवी की यात्रा शुरू, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु। फाइल फोटो

HighLights

  1. यात्रा तीन दिन बाद फिर शुरू

  2. 17,500 श्रद्धालु भवन रवाना

  3. मौसम साफ होने पर यात्रा शुरू

संवाद सहयोगी, कटड़ा। मां वैष्णो देवी (Mata Vaishno Devi) की यात्रा बुधवार को फिर से शुरू हो गई। मौसम में सुधार होने के बाद सुबह छह बजे श्राइन बोर्ड की ओर से सभी यात्रा पंजीकरण केंद्र खोल दिया गया। यात्रा शुरू होने की सूचना मिलते ही पिछले तीन दिन से कटड़ा में डेरा डाले श्रद्धालु (Mata Vaishno Devi Yatra) खुशी से झूम उठे और हजारों की संख्या में श्रद्धालु कटड़ा में पंजीकरण करवा कर परिवार के साथ दिनभर मां वैष्णो देवी के भवन की ओर रवाना होते रहे।

कटड़ा से लेकर मां वैष्णो देवी भवन जय माता दी के जयकारे गूंज रहे हैं। बुधवार शाम चार बजे तक 17,500 श्रद्धालु मां वैष्णो देवी भवन की ओर और रवाना हो चुके थे और श्रद्धालुओं (Maa Vaishno Devi Yarta) का लगातार आना जारी है। जारी वर्ष में अब तक करीब 56.90 लाख श्रद्धालु मां वैष्णो देवी की यात्रा कर चुके हैं।

बता दें कि भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी के बाद माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुरक्षाकेमद्देनजर पांच अक्टूबर से लेकर सात अक्टूबर तक मां वैष्णो देवी की यात्रा को स्थगित कर दिया था।

बुधवार सुबह मौसम साफ रहने पर यात्रा शुरू हो गई और श्रद्धालु दिनभर से मां वैष्णो देवी (Maa Vaishno Devi) के दर्शन के लिए भवन की ओर रवाना होते रहे। हालांकि, दोपहर के बाद आसमान पर बादल छाए और सूर्यदेव और बादलों के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा।

इसके बावजूद हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार सेवा के साथ ही मां वैष्णो देवी भवन तथा भैरव घाटी के मध्य चलने वाली रोपवेकेबल कार सेवा के साथ ही घोड़ा, पिट्ठू तथा पालकी आदि की सेवाएं श्रद्धालुओं को उपलब्ध होती रही। सभी मार्गों से यात्रा सुचारु है। वहीं, स्थानीय व्यापारी वर्ग को उम्मीद है कि यात्रा सुचारु होने से श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी और व्यापार भी ठीक चलेगा।