विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अर्जुन अवॉर्ड ना मिलने पर नाराज हुए रोहन बोपन्ना, एआईटीए को लगाई लताड़

By Pradeep SehgalEdited By:
Published: Sat, 05 Aug 2017 04:40 PM (IST)Updated: Sat, 05 Aug 2017 04:46 PM (IST)

भारत के शीर्ष पुरुष टेनिस खिलाड़ियों में से एक बोपन्ना ने एक बार फिर अर्जुन अवॉर्ड न मिलने पर नाराजगी जाहिर की है।

अर्जुन अवॉर्ड ना मिलने पर नाराज हुए रोहन बोपन्ना, एआईटीए को लगाई लताड़
अर्जुन अवॉर्ड ना मिलने पर नाराज हुए रोहन बोपन्ना, एआईटीए को लगाई लताड़

नई दिल्ली, जेएनएन। भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने एक बार फिर अर्जुन अवॉर्ड न मिलने पर नाराजगी जाहिर की है और उनका नाम अवॉर्ड के लिए न भेजने पर अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) को आड़े हाथों लिया है। भारत के शीर्ष पुरुष टेनिस खिलाड़ियों में से एक बोपन्ना ने शनिवार को एक बयान में कहा, 'हम पेशेवर टेनिस खिलाड़ी देश का मान बढ़ाने में काफी मेहनत करते हैं। इस पर कोई सवाल नहीं उठा सकता है लेकिन अगर इसमें टेनिस संघ अपना काम ठीक से न करे तो यह न सिर्फ अनुचित है बल्कि इससे हमारी कुछ पाने की उम्मीदों को भी झटका लगता है'।

अर्जुन अवॉर्ड के लिए नामांकन भेजने की आखिरी तारीख 28 अप्रैल थी, लेकिन एआईटीए ने उनका नाम 14 जून को भेजा था जब वह कनाडा की अपनी महिला जोड़ीदार गैब्रिएला डाब्रोव्स्की के साथ फ्रेंच का मिश्रित युगल खिताब जीत कर आए थे।

एआईटीए ने उनकी जगह 2014 इंचोन एशियन गेम्स में दो पदक जीतने वाले साकेत मायनेनी का नाम अवॉर्ड के लिए भेजा था।

उन्होंने कहा, 'अर्जुन अवॉर्ड एक खिलाड़ी को मिलने वाला काफी प्रतिष्ठित अवॉर्ड है। यह सिर्फ सम्मान नहीं है जो आपको मिलता है। साथ ही यह आपके द्वारा की गई मेहनत का प्रतिदान है। एक खिलाड़ी द्वारा घंटों की गई मेहनत का यह सम्मान प्रतिक्रिया है। यह खिलाड़ी के धैर्य और गंभीरता को पहचानना है।'

उन्होंने कहा, 'मैं साकेत मायनेनी को यह अवॉर्ड मिलने पर बधाई देता हूं। मैंने उनको आगे बढ़ते देखा है इसलिए मुझे उन पर गर्व है।'

बोपन्ना ने एआईटीए के बारे में कहा, 'मैं समय सीमा के अंदर मेरा नाम न भेजने के लिए एआईटीए की निंदा करता हूं। मैंने अतीत में भी इस तरह के कई बहाने देखे हैं।'

वहीं एआईटीए के एक अधिकारी ने कहा है कि, मैं रोहन बोपन्ना की निराशा को समझ सकता हूं, लेकिन वो 2016 में इस अवॉर्ड के लिए योग्य नहीं थे। क्योंकि सेलेक्शन कमेटी ने जनवरी 2013 से दिसंबर 2016 तक के प्रदर्शन को को देखते हुए नाम भेजे थे। इसमे कोई दो राय नहीं कि बोपन्ना का प्रदर्शन भी इस दौरान शानदार रहा, लेकिन वो सिर्फ घरेलू टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने औसत प्रदर्शन ही किया था'।

क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

अन्य खेलों की खबरों के लिए यहां क्लिक करें