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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत में बंद हुए 26 लाख से ज्‍यादा वॉट्सऐप अकाउंट, यहां जानें क्या है पूरा मामला

By Ankita PandeyEdited By:
Published: Tue, 01 Nov 2022 06:50 PM (IST)Updated: Wed, 02 Nov 2022 02:09 AM (IST)

WhatsApp ने भारत में अपने 26 लाख अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया है। भारत में यूजर्स ने सितंबर में कुछ ...और पढ़ें

WhatsApp banned 26 lakhs account in India, know the details here
WhatsApp banned 26 lakhs account in India, know the details here

 नई दिल्ली, टेक डेस्क। मेटा के मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप ने मंगलवार को कहा कि उसने नए आईटी नियम, 2021 के तहत सितंबर के महीने में भारत में 26 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगा दिया। इन नियमों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अधिक जिम्मेदारियां देने के लिए संशोधित किया जा रहा है।

मैसेजिंग प्लेटफॉर्म, जिसके देश में लगभग 500 मिलियन यूजर हैं। भारत में सितंबर में 666 शिकायत रिपोर्ट मिली है, और रिकॉर्ड कार्रवाई 23 थी। आईटी नियम 2021 के अनुसार, कंपनी ने सितंबर 2022 महीने के लिए अपनी रिपोर्ट प्रकाशित की है। इसमें यूजर-सिक्योरिटी रिपोर्ट में मिली शिकायतों और वॉट्सऐप द्वारा की गई संबंधित कार्रवाई के साथ-साथ वॉट्सऐप की स्वयं की निवारक कार्रवाइयों का विवरण शामिल है।

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अगस्त में बैन हुए 23 लाख खातें

प्लेटफॉर्म ने अगस्त में भारत में 23 लाख से अधिक खराब अकाउंट पर प्रतिबंध लगाया था। एडवांस आईटी नियम 2021 के तहत, प्रमुख डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, जिनमें पांच मिलियन से अधिक यूजर हैं, को मासिक अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करनी होती है। इसके साथ ही एक खुले, सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह इंटरनेट की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने "डिजिटल नागरिकों" के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से कुछ संशोधनों को नोटिफाई किया है।

नहीं अपलोड करना है हानिकारक/गैरकानूनी कंटेंट

सोशल मीडिया बिचौलियों को केवल यूजर्स को हानिकारक/गैरकानूनी कंटेंट की कुछ कैटेगरी को अपलोड नहीं करने के बारे में सूचित करने की जरूरत होती है। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भारतीय नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा जरूरी है।

मंत्रालय द्वारा सभी हितधारकों को शामिल करते हुए एक विस्तृत सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया का पालन करने के बाद संशोधनों को नोटिफाई किया गया था। बता दें कि नए प्रावधान यह सुनिश्चित करेंगे कि मध्यस्थ का दायित्व केवल औपचारिकता नहीं है।

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