Gyanvapi Case: क्या कार्बन डेटिंग से हल हो पाएगा मामला? जानें क्या है ये प्रक्रिया और कैसे करती है काम
Gyanvapi Case काफी दिनों से वाराणसी का ज्ञानवापी केस चर्चा में हैं। यहां मिले शिवलिंग को लेकर विवाद है। इसके लिए कार्बन डेटिंग की मांग की गई है। तो आइये जानते हैं कि ये कार्बन डेटिंग आखिर क्या है और कैसे काम करती है।

नई दिल्ली, टेक डेस्क। ज्ञानवापी मामले की सुनवाई में वाराणसी की अदालत ने शुक्रवार को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की मांग करने वाली पांच महिलाओं की याचिका पर फैसला टाल दिया है। बता दें कि ये फैसला 7 अक्टूबर को आना था, मगर अब इसके फैसले की तारीख को बदलकर 11 अक्टूबर कर दिया गया है। लेकिन क्या कार्बन डेटिंग से इस मामले में कोई बदलाव आ सकता है? तो आइये जानते हैं कि कार्बन डेटिंग क्या होती है।
क्या है कार्बन डेटिंग?
कार्बन डेटिंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसकी मदद से पेड़, चमड़ी, बाल, कंकाल जैसी पुरानी चीजों की उम्र का पता लगाया जाता है। बता दें कि यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। सभी जीवित चीजें अपने आसपास के वातावरण से कार्बन अवशोषित करती हैं। इस कार्बन में एक निश्चित मात्रा में प्राकृतिक रेडियोएक्टिव कार्बन-14 (C-14) भी शामिल है।
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जब पौधे या जानवर मर जाते हैं, तो कार्बन का अवशोषण बंद हो जाता है। चूंकि कार्बन-14 रेडियोएक्टिव कार्बन है, इसलिए संचित भाग का क्षय होता रहता है। यह लगातार घटती कार्बन-14 गिनती के साथ एक टाइम-कैप्सूल बनाता है। कार्बन डेटिंग इसी बची हुई रेडियोएक्टिव मात्रा का मापन है। इसे निर्धारित करने के बाद वैज्ञानिक उस वस्तु के मरने के बाद के समय का अनुमान लगाते हैं।
क्या चट्टानों पर भी काम करती है कार्बन डेटिंग
वैसे तो भूवैज्ञानिक आमतौर पर चट्टानों की उम्र निर्धारित करने के लिए कार्बन डेटिंग का उपयोग नहीं करते हैं क्योंकि इसके लिए कार्बनिक पदार्थों की उपस्थिति की आवश्यकता होती है। वेस्ट टेक्सास ए एंड एम विश्वविद्यालय में भौतिकी के प्रोफेसर डॉ. क्रिस्टोफर एस. बेयर्ड के अनुसार, कार्बन डेटिंग केवल उन वस्तुओं के लिए काम करती है, जो लगभग 50,000 वर्ष से कम समय सीमा की हैं। इसलिए इसका उपयोग ज्यादातर पेड़ों, पौधों और जानवरों के अवशेषों के लिए किया जाता है, क्योंकि ये वस्तुएं आम तौर पर 50,000 साल से कम होती हैं। अगर हम चट्टानों या पत्थरों की बात करें तो वे 50 हजार साल से पुराने भी हो सकते हैं।
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