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6G को लेकर क्या है भारत की तैयारी, PM Modi के विजन डॉक्यूमेंट क्यों है इतनी चर्चा

Bharat 6G Vision Documents प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में भारत 6 जी विजन डॉक्यूमेंट जारी किया है। आज हम आपको उसी विजन डॉक्यूमेंट के कुछ महत्वपूर्ण बातों के बारे में बताने वाले हैं। (फाइल फोटो जागरण)

By Anand PandeyEdited By: Anand PandeyPublished: Fri, 24 Mar 2023 08:41 PM (IST)Updated: Fri, 24 Mar 2023 08:41 PM (IST)
Prime Minister Narendra Modi on Wednesday unveiled 6G vision document

नई दिल्ली, टेक डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 6जी विजन डॉक्यूमेंट जारी किया और कहा कि 5जी की शुरुआत के छह महीने बाद ही भारत 6जी पर चर्चा कर रहा है, यह देश के भरोसे को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले से भारत तेजी से दूरसंचार प्रौद्योगिकी का एक बड़ा निर्यातक बनता जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने 6G रिसर्च और डेवलपमेंट टेस्ट बेड लॉन्च किया है। 

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350 जिलों में पहुंची 5G सर्विस

भारत में अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) के क्षेत्रीय कार्यालय और इनोवेशन सेंटर का उद्घाटन करने के बाद बोलते हुए मोदी ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेज 5जी सेवा देने वाला देश है। उन्होंने बताया कि केवल 120 दिनों में 125 से अधिक शहरों में 5जी सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं और देश के लगभग 350 जिलों में 5जी सेवाएं पहुंच चुकी हैं। प्रधानमंत्री ने 'कॉल बिफोर यू डिग' ऐप भी लॉन्च किया और कहा, "आज का भारत तेजी से डिजिटल क्रांति के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है।

100 नई 5G लैब स्थापित करेगा भारत

मोदी ने कहा, "5जी की शुरुआत के छह महीने के भीतर, आज हम 6G के बारे में बात कर रहे हैं। यह भारत के आत्मविश्वास को दिखाता है। भारत 5जी की ताकत से पूरी दुनिया की कार्य संस्कृति को बदलने के लिए कई देशों के साथ काम कर रहा है।" मोदी ने कहा कि यह 5जी से जुड़े अवसरों, व्यापार मॉडल और रोजगार क्षमता को साकार करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा। प्रधान मंत्री ने यह भी घोषणा की कि आने वाले दिनों में, भारत 100 नई 5G लैब स्थापित करेगा।

UPI पर दिया जोर

यूपीआई के माध्यम से भारत में हर महीने 800 करोड़ से अधिक डिजिटल भुगतान किए जाते हैं। भारत में प्रतिदिन 7 करोड़ से अधिक ई-प्रमाणीकरण होते हैं। भारत में को-विन प्लेटफॉर्म के माध्यम से 220 करोड़ से अधिक टीके की खुराक दी गई थी। उन्होंने आगे उल्लेख किया कि भारत जन धन योजना के माध्यम से संयुक्त राज्य अमेरिका की पूरी आबादी की तुलना में अधिक बैंक खाते खोलने में सफल रहा है, जिन्हें बाद में आधार के माध्यम से प्रमाणित किया गया और 100 करोड़ से अधिक लोगों को अपने मोबाइल फोन के माध्यम से जोड़ने में मदद मिली है।

गांव-गांव पहुंचा इंटरनेट कनेक्शन

प्रधान मंत्री ने उल्लेख किया कि 2014 से पहले भारत में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के 6 करोड़ यूजर थे, लेकिन यह संख्या आज 80 करोड़ से अधिक हो गई है। उन्होंने आगे बताया कि 2014 से पहले के 25 करोड़ की तुलना में भारत में इंटरनेट कनेक्शन की संख्या 85 करोड़ से अधिक है। गांवों में इंटरनेट यूजर की संख्या शहरी क्षेत्रों में पार कर गई है, यह दर्शाता है कि डिजिटल शक्ति देश के हर नुक्कड़ तक पहुंच गई है।

25 लाख किमी तक बिछा ऑप्टिकल फाइबर

पिछले नौ वर्षों में भारत में 25 लाख किमी ऑप्टिकल फाइबर सरकार और निजी क्षेत्र द्वारा बिछाया गया है। दो लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया है और 5 लाख कॉमन सर्विस सेंटर डिजिटल सेवाएं दे रहे हैं, जिससे ऐसी स्थिति पैदा हो गई है, जहां डिजिटल अर्थव्यवस्था बाकी अर्थव्यवस्था की तुलना में ढाई गुना तेजी से बढ़ रही है।


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