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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Online Gaming Bill 2025: सरकार क्यों लाई ये बिल और किन-किन ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर पड़ेगा असर?

Published: Thu, 21 Aug 2025 08:06 PM (GMT+05:30)

ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 लोकसभा और राज्यसभा से पास हो गया है। इसका उद्देश्य ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देना और रियल-मनी ...और पढ़ें

ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 कौन-से प्लेटफॉर्म होंगे प्रभावित
ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 कौन-से प्लेटफॉर्म होंगे प्रभावित

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास हो गया है। इस बिल का मकसद देश में ई-स्पोर्ट्स को प्रोत्साहन देना और रियल-मनी गेमिंग और ऑनलाइन बैटिंग पर कंप्लीट बैन लगाना है। पिछले कई सालों से रियल मनी आधारित ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स पर रोक लगाने की चर्चा चल रही थी। कुछ राज्यों ने तो इसे लेकर कानून भी बनाए हैं।

बिहार वोटर लिस्ट में संसोधन मामले में विपक्ष के हंगामे के बीच ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 (प्रोत्साहन और नियमावली) बिना बहस के संसद के दोनों सदनों से पास हो गया है। दोनों सदनों से पास हुए इस बिल में रियल मनी आधारित ऑनलाइन गेमिंग की पेशकश करने पर तीन साल तक की कैद या 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

इसके साथ ही इस बिल में इस तरह के गेमिंग प्लेटफॉर्म के विज्ञापन पर भी रोक लगाने के साथ बैंक और दूसरे वित्तीय संस्थानों को इस तरह के प्लेटफॉर्म के मनी ट्रांजैक्शन को रोकने का प्रावधान किया गया है।

क्यों लाया गया यह कानून?

रियलमी मनी पर आधारित ऑनलाइन गेम के चलते कई गंभीर सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक से जुड़े मामले सामने आए थे। इसके साथ ही कुछ मामलों में तो आत्महत्या, चोरी, कर्ज के बोझ और अवैध सोर्स से लोगों के पैसा जुटाने जैसी घटाएं भी सामने आई थी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ऑनलाइन मनी गेमिंग के जाल में फंस कर कई लोग अपनी जिंदगीभर की जमा पूंजी से हाथ धो बैठते हैं। सरकार इस तरह के जोखिम को कम करने के लिए यह बिल लाई है।

उनका यह भी कहना था कि इसमें ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा देने के भी प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने बताया कि ऐसे कई प्लेटफॉर्म मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद को फंडिंग और आतंकवादी संगठनों द्वारा संदेश भेजने के लिए भी यूज में लाए जा रहे हैं।

कौन-कौन से प्लेटफॉर्म होंगे प्रभावित

वेंचर कैपिटल फर्म लुमिकाई का कहना है कि भारत का गेमिंग बाजार 2029 तक 3.6 बिलियन डॉलर का हो जाएगा। इस बिल से ड्रीम 11, माई 11 सर्कल, हाउजैट जैसे रियल मनी गेमिंग ऐप को झटका लग सकता है। ये ऐप्स इंडियन प्रीमियम लीग (IPL) के दौरान लोगों के बीच में खूब लोकप्रिय हुई थी। इस तरह की ऐप में यूजर्स मात्र 10 रुपये में अपनी टीम बनाकर 12 लाख रुपये तक का ईनाम जीत सकते हैं।

इन ऐप्स के साथ-साथ एसजी11 फैंटेसी, विंजो, गेम्स24x7 (My11Circle और RummyCircle की पेरेंट कंपनी) रम्मी और पोकर जैसे रियल मनी गेम की पेरेंट कंपनी जंगली गेम्स, पोकरबाजी और गेम्सक्राफ्ट जैसे प्लेटफॉर्म प्रभावित होंगे।

अब आगे क्या?

ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 (प्रोत्साहन और नियमावली) में ई-स्पोर्ट्स, एजुकेशन प्लेटफॉर्म, सोशल गेम्स के लिए नियमावली की भी सिफारिश की गई है। दोनों सदनों से पारित होने के बाद इसके कानून बनने के लिए राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की जरूरत होगी, जिसके बाद सरकार इसका नोटिफिकेशन जारी करेगी।

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