काम की खबर: अगर नहीं किया ये काम, तो फेल हो जाएंगे UPI पेमेंट्स; 1 फरवरी से लागू होगा नया नियम
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया NPCI ने घोषणा की है कि अब UPI ट्रांजैक्शन ID में स्पेशल कैरेक्टर्स की अनुमति नहीं होगी। ये नया नियम 1 फरवरी 2025 से लागू होगा। किसी भी फेल ट्रांजैक्शन से बचने के लिए आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपका ऐप लेटेस्ट वर्जन में अपडेटेड हो। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने अनाउंस किया है कि 1 फरवरी, 2025 से इंडिया में स्पेशल कैरेक्टर्स वाले UPI ट्रांजैक्शन आईडी अस्वीकार कर दिए जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य मार्च 2024 में ऑर्गेनाइजेशन द्वारा अनाउंस किए गए UPI (यूनाइटेड पेमेंट्स इंटरफेस) टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स को लागू करना है।
UPI ट्रांजैक्शन ID के लिए NPCI की गाइडलाइन्स
9 जनवरी, 2025 को NPCI द्वारा शेयर किए गए एक सर्कुलर के मुताबिक बैंक्स, थर्ड-पार्टी ऐप्स और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को अपने प्लेटफॉर्म्स पर जेनरेट किए गए UPI ट्रांजैक्शन ID में $, #, @, और % जैसे स्पेशल कैरेक्टर्स का यूज नहीं करने का आदेश दिया गया है।
ऑर्गेनाइजेशन ने ऑर्गेनाइजेशन्स को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि उनके प्लेटफॉर्म्स पर जेनरेट किए गए UPI ट्रांजैक्शन आईडी में केवल अल्फा-न्यूमेरिक कैरेक्टर्स हों।
NPCI ने अपने सर्कुलर में लिखा, 'स्पेसिफिकेशन्स के कंप्लायंस की गंभीरता को देखते हुए, UPI ट्रांजैक्शन आईडी में किसी भी स्पेशल कैरेक्टर्स को अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया गया है। स्पेशल कैरेक्टर्स वाले आईडी के साथ किसी भी ट्रांजैक्शन को सेंट्रल सिस्टम द्वारा अस्वीकार कर दिया जाएगा,'।
इसका मतलब है कि 1 फरवरी के बाद, NPCI उन सभी ट्रांजैक्शन को अस्वीकार करना शुरू कर देगा जो UPI के लिए इसके टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स को पूरा नहीं करते हैं। इनमें ट्रांजैक्शन आईडी में स्पेशल कैरेक्टर्स नहीं होना शामिल है।
इसका यूजर्स के लिए क्या मतलब है?
इस बदलाव से यूजर्स के ट्रांजैक्शन अस्वीकरय या फेल हो सकते हैं अगर उनके UPI ऐप द्वारा जेनरेट की गई ट्रांजैक्शन आईडी NPCI के गाइडलाइन्स को पूरा नहीं करती है।
इस समस्या को ठीक करने के लिए यूजर्स क्या कर सकते हैं?
पेमेंट फेल्योर से बचने के लिए, यूजर्स को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि उन्होंने अपने द्वारा यूज किए जाने वाले UPI ऐप्स का लेटेस्ट वर्जन डाउनलोड किया है।
इसके अलावा, यूजर्स को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि उनके द्वारा यूज किया जाने वाला UPI ऐप केवल ऑथेंटिक सोर्सेज, जैसे कि गूगल के प्ले स्टोर और ऐपल के ऐप स्टोर से डाउनलोड किया गया हो। थर्ड-पार्टी सोर्सेज से डाउनलोड किए गए ऐप्स को इस्तेमाल करने से ऐप को अपडेट करने में देरी हो सकती है। इससे पेमेंट की समस्या हो सकती है।
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