Micron Plant: सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग से होगी नई क्रांति, मिलेंगी हजारों नौकरियां: राजीव चंद्रशेखर
आज गुजरात के साणंद में 22500 करोड़ रुपये की लागत वाली यूएस-आधारित माइक्रोन टेक्नोलॉजी की इकाई के भूमि पूजन है। 2.75 अरब डॉलर के संयुक्त निवेश से अगले पांच वर्षों में लगभग 5000 प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करने का अनुमान है। माइक्रोन टेक्नोलॉजी ने भारत सरकार के सहयोग से भारत में एक नई सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण सुविधा के निर्माण में $825 मिलियन तक निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है।

नई दिल्ली, टेक डेस्क। केंद्रीय राज्य मंत्री इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि भारत में आगामी $2.75 बिलियन माइक्रोन टेक्नोलॉजी की सुविधा यह साबित करती है कि देश के सेमीकंडक्टर इको सिस्टम में विकास जल्द ही भारत को नए आयाम पर लेकर जाएगा।
बता दें आज यानी शनिवार को गुजरात के साणंद में 22,500 करोड़ रुपये की लागत वाली यूएस-आधारित माइक्रोन टेक्नोलॉजी की इकाई के भूमि पूजन है। 2.75 अरब डॉलर के संयुक्त निवेश से अगले पांच वर्षों में लगभग 5,000 प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करने और 15,000 सामुदायिक नौकरी के अवसर प्रदान करने का अनुमान है।
केंद्रीय मंत्री ने कही बड़ी बात
मंत्री ने जोर दिया कि माइक्रोन निर्माताओं द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि भारत आज समग्र वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक बहुत भरोसेमंद केंद्र का प्रतिनिधित्व करता है। भारत उनके उत्पादों के लिए एक बड़ा बाजार है और जी20 शिखर सम्मेलन के बाद, चिप निर्माताओं को पता है कि देश में सेमीकंडक्टर संयंत्र विश्वसनीय, निर्बाध तरीके से दुनिया की मांगों को पूरा करेंगे।
माइक्रोन टेक्नोलॉजी ने भारत सरकार के सहयोग से भारत में एक नई सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण सुविधा के निर्माण में $825 मिलियन तक निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है।
पीएम मोदी की तारीफ
राजीव चंद्रशेखर ने आगे कहा कि जुलाई में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में सेमीकंडक्टर विनिर्माण सुविधाएं स्थापित करने के इच्छुक खिलाड़ियों को 50 प्रतिशत वित्तीय सहायता का वादा किया था। गांधीनगर में सेमीकॉनइंडिया 2023 में उन्होंने कहा था कि हम देश के सेमीकंडक्टर क्षेत्र की वृद्धि में तेजी लाने के लिए लगातार नीतिगत सुधार कर रहे हैं।
#WATCH | Union Minister Rajeev Chandrasekhar says, "In January 2022, PM Modi laid out his vision for India in the global semiconductor ecosystem. He wanted India to rapidly catch up after decades of our country having missed opportunities and failed to make a mark in… pic.twitter.com/PYqCoHtS0S
— ANI (@ANI) September 22, 2023
उन्होंने कहा कि मोदी ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए देश की वैश्विक जिम्मेदारी और प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन की मंजूरी और 300 से अधिक कॉलेजों में सेमीकंडक्टर पाठ्यक्रम शुरू करने जैसी हालिया पहल का हवाला दिया, जिसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों के भीतर 100, 000 से अधिक डिजाइन इंजीनियर तैयार करना है।
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