संतोष आनंद। भारत में भी अब अलग-अलग डिवाइस के लिए अलग-अलग चार्जर नहीं रखना होगा। स्मार्ट डिवाइस के लिए कामन चार्जिंग पोर्ट यानी यूएसबी टाइप-सी का उपयोग होगा। इसको लेकर कंपनियों में भी सहमति बन गई है। एक ही चार्जर से स्मार्टफोन, लैपटाप आदि को चार्ज किया जा सकेगा। एक चार्जिंग पोर्ट का मामला केवल भारत और यूरोपीय संघ में ही नहीं, बल्कि दुनिया में अन्य देशों में भी उठ रहा है। दरअसल, हर डिवाइस को चार्ज करने के लिए इन दिनों अलग तरह के चार्जर का उपयोग करना पड़ता है। किसी स्मार्टफोन में आपको माइक्रो यूएसबी, तो किसी डिवाइस में यूएसबी टाइप-सी चार्जर दिया जाता है, लेकिन अब टेक कंपनियां भी स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटाप, ब्लूटूथ इयरबड्स, हेडफोंस के लिए टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट ही आफर करेंगे।

क्या है यूएसबी टाइप-सी

यूएसबी टाइप-सी को पहली बार 2014 में जारी किया गया था। यह डाटा ट्रांसफर केबल का एक नया रूप है। यूएसबी टाइप-सी यूएसबी के नये तकनीक वर्जन 3.1 पर कार्य करता है। यूएसबी के पुराने वर्जन 3.0 के माध्यम से अधिकतम 5जीबीपीएस की गति से डाटा का ट्रांसफर किया जा सकता था। वहीं यूएसबी टाइप-सी यूएसबी 3.1 को सपोर्ट करता है और यह 10 जीबीपीएस की गति से डाटा ट्रांसफर करने में सक्षम है। यह चंद सेकंड में यह हाई-डेफिनेशन वीडियो फाइल ट्रांसफर कर सकता है। इतना ही नहीं, यूएसबी टाइप-सी अधिक पावर संभाल सकता है। यही कारण है कि इसका उपयोग लैपटाप के साथ-साथ फोन और टैबलेट पर भी किया जाता है। इसकी गति यूएसबी टाइप-3 से दोगुना है। यूएसबी टाइप-सी के साथ आने वाले हेडफोन यूएसबी 3 मिमी हेडफोन जैक की तुलना में बेहतर आडियो क्वालिटी प्रदान करते हैं।

यूएसबी टाइप-सी की गति

एक आम गलतफहमी है कि सभी यूएसबी-सी केबल तेज होते हैं। यह सच नहीं है। वास्तव में यूएसबी-सी में 'सी' केवल कनेक्टर और प्लग के शेप के बारे में बताता है। दूसरे शब्दों में कहें तो यूएसबी-सी केवल एक फिजिकल स्टैंडर्ड है न कि डाटा स्टैंडर्ड। आप तब तक यह नहीं बता सकते कि यूएसबी-सी केबल कितनी तेज होगी, जब तक कि इसके डाटा स्टैंडर्ड को नहीं देखेंगे। यूएसबी डाटा स्टैंडर्ड जैसे कि यूएसबी 2.0, 3.0, 3.1, 3.2, या चार हमें केबल की गति जानने में मदद करते हैं। यूएसबी इम्प्लीमेंटर्स फोरम (USB-IF) वह समूह है, जिसने यूएसबी-सी का आविष्कार किया है। सैमसंग का लेटेस्ट फ्लैगशिप फोन गैलेक्सी एस22अल्ट्रा में 20 जीबीपीएस की यूएसबी 3.2 स्पीड है, लेकिन मिड-रेंज गैलेक्सी ए53 में अभी भी सिर्फ 480 एमबीपीएस की यूएसबी 2.0 स्पीड है। आज तक का सबसे तेज डाटा स्डैंडर्ड यूएसबी 4 है, जो 40 जीबीपीएस तक की गति से डाटा ट्रांसफर कर सकता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यूएसबी 4 थंडरबोल्ट 3 पर आधारित है।

क्या यूएसबी-सी लाइटनिंग से बेहतर है?

हां, यूएसबी-सी लगभग हर तरह से लाइटनिंग (आइफोन के चार्जर) से बेहतर है। लाइटनिंग कनेक्टर्स की अधिकतम डाटा ट्रांसफर गति सिर्फ 480 एमबीपीएस है। इस यूएसबी की गति 2.0 है, जो 2000 में जारी की गई थी। इसका मतलब है कि आधुनिक आइफोन अभी भी एक ऐसी तकनीक के साथ अटके हुए हैं, जो 20 साल से अधिक पुरानी है! लाइटनिंग कनेक्टर काफी धीमे होते हैं। फ्लैगशिप एंड्रायड फोन आज 45वाट से 100वाट या इससे ज्यादा की चार्जिंग स्पीड को सपोर्ट करने लगा है, वहीं लेटेस्ट आइफोन केवल 25वाट तक ही जाते हैं। हाल ही में यूरोपीय संघ ने आइफोन को 2024 तक यूएसबी-सी पर स्विच करना अनिवार्य कर दिया है।

जानें यूएसबी कनेक्टर को

बाजार में कई तरह के यूएसबी मौजूद हैं, जो अलग-अलग फंक्शनैलिटी के साथ आते हैं:

यूएसबी-ए: यह सबसे लोकप्रिय और उपयोग किए जाने वाले यूएसबी में से एक है। इसका उपयोग कंप्यूटर से पावर आउटलेट तक किया जाता है। आम तौर पर अपने स्मार्टफोन और टैबलेट के लिए जिन केबलों का उपयोग करते हैं, उनमें यूएसबी-ए और माइक्रो-यूएसबी या फिर यूएसबी-सी इनपुट स्लाट होते हैं। यूएसबी-ए का नुकसान यह है कि इसे पोर्ट में स्लाट करने का केवल एक ही तरीका है। गलत इंसर्ट केबल आपके डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकता है।

यूएसबी-बी: यह टाइप-बी आमतौर पर बाहरी हार्ड ड्राइव या प्रिंटर को डेस्कटाप कंप्यूटर से जोड़ने के लिए उपयोग किया जाता है। टाइप-बी पोर्ट अन्य यूएसबी केबल की तरह लोकप्रिय नहीं है।

यूएसबी-बी मिनी: ये छोटे कनेक्टर होते हैं। ये चार और पांच-पिन वर्जन में उपलब्ध हैं। मिनी वर्जन का उपयोग पोर्टेबल उपकरणों, जैसे-डिजिटल कैमरा, मेमोरी कार्ड रीडर आदि के लिए किया जाता है।

यूएसबी-बी माइक्रो: अक्सर इसे माइक्रो यूएसबी भी कहा जाता है। आप इन कनेक्टरों को ज्यादातर स्मार्टफोन और बाहरी हार्ड ड्राइव में देखते हैं। यूएसबी-ए की तरह माइक्रो-यूएसबी भी केवल एक ही दिशा में पोर्ट में जा सकता है।

यूएसबी 3.0: इसमें अधिक पिन होते हैं, जिससे डाटा ट्रांसफर तेजी से होता है।

यूएसबी टाइप-सी के फायदे

कई केबल रखने की आवश्यकता नहीं है: सभी डिवाइसेज के लिए एक ही तरह के चार्जर का उपयोग होने से यूजर्स को कई चार्जर रखने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। यूएसबी टाइप-सी कनेक्टर जल्द ही यूनिवर्सल हो सकता है और लगभग हर हैंडहेल्ड डिवाइस और यहां तक कि कारों में भी दिखाई देंगे। इसलिए विभिन्न डिवाइस के लिए कई यूएसबी केबल नहीं रखने होंगे।

विभिन्न प्रोटोकाल का सपोर्टः एडेप्टर के साथ आप पुराने डिवाइस, जैसे-एचडीएमआइ, वीजीए, डिस्प्ले पोर्ट आदि को टाइप-सी चार्जर से जोड़ सकते हैं।

अधिक कुशल और तेज: टाइप-सी कनेक्टर किसी भी अन्य यूएसबी केबल की तुलना में तेज है। आप इसका उपयोग लैपटाप जैसे बड़े डिवाइस को चार्ज करने के लिए भी कर सकते हैं। यह तेजी से डाटा ट्रांसफर करने के साथ डिवाइस को तेज गति से चार्ज करता है।

छोटा और सुरक्षित: यूएसबी टाइप-सी कनेक्टर छोटा और उपयोग करने में अधिक सुरक्षित होते हैं। यूएसबी-सी रिवर्सिबल है। यूएसबी टाइप-सी कनेक्टर में कुल

24 पिन होते हैं, जिसका अर्थ है प्रत्येक तरफ 12। इन 24 पिनों में से 16 डाटा ट्रांसफर के लिए हैं, चार चार्जिंग के लिए हैं और चार ग्राउंड पिन हैं। यूएसबी टाइप-सी स्मार्ट डिवाइस के वायर्ड कनेक्शन के लिए लेटेस्ट यूनिवर्सल स्टैंडर्ड है। यह माइक्रो-यूएसबी और यूएसबी-ए का अपग्रेडेड वर्जन है। यदि आपने पिछले कुछ वर्षों में एक नया फोन, टैबलेट या लैपटाप खरीदा है, तो उसमें संभवतः यूएसबी-सी पोर्ट होगा। हालांकि आइफोन में अभी भी लाइटनिंग कनेक्टर का उपयोग होता है, लेकिन जल्द ही आइफोन में भी आपको यूएसबी टाइप-सी पोर्ट ही दिखाई देंगे।

Edited By: Sanjay Pokhriyal

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