भारतीय टेलीकॉम कंपनियों ने 5जी रोलआउट के लिए दिखाई तेजी, 3 साल का टारगेट 6 महीने में किया पूरा
5G internet service in india भारत में 5जी सेवाओं को रोलआउट बीते साल के आखिरी महीनों में ही किया गया है। 5जी सर्विस को बहुत तेजी से देश के कोने-कोने तक पहुंचाया जा रहा है। टेलीकॉम कंपनियां तेजी से इस ओर काम कर रही हैं। (फोटो- जागरण)

नई दिल्ली, टेक डेस्क। भारतीय टेलीकॉम कंपनियों ने 5जी रोलआउट के लिए दिए गए 3 साल के टारगेट को मात्र 6 महीनों में पूरा कर लिया है। यह देश में फास्टेस्ट इंटरनेट सर्विस 5G को रोलआउट करने की कड़ी में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है। अब भारत सरकार की ओर से 5G एप्लीकेशन को अलग- अलग सेगमेंट में लाने के लिए तमाम कोशिशें की जा रही हैं।
टेलीकॉम कंपनियों ने दिखाई 5G रोलआउट में तेजी
टेलीकॉम डिपार्टमेंट के एडिशनल सेक्रेटरी वीएल कांता राव ने कहा कि भारतीय टेलीकॉम कंपनियों ने फास्टेस्ट इंटरनेट सर्विस 5G को रोलआउट करने में अच्छी तेजी दिखाई है।
स्पेकट्रम अलोकेशन के दौरान नई तकनीक को एक साल में कुछ ही शहरों तक लाए जाने का टारगेट सेट किया गया था। 5जी रोलआउट करने का जो टारगेट टेलीकॉम कंपनियों को 3 साल के लिए दिया गया था, वह मात्र 6 महीने में ही पूरा कर लिया गया।
भारत के कोने-कोने में रिलायंस जियो और भारती एयरटेल पहुंचा रही हैं 5जी सर्विस
मालूम हो कि वर्तमान में देश में केवल दो ही टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 5जी सर्विस का विस्तार किया जा रहा है। इस कड़ी में भारतीय एयरटेल और रिलायंस जियो का नाम ही शामिल है। दोनों कंपनियां मिलकर देश के कोने-कोने तक 5जी सर्विस का विस्तार कर रही हैं।
वहीं दूसरी ओर, वोडाफोन- आइडिया अभी तक 5जी सर्विस के लिए फंड के इंतजार में है। बीएसएनएल को लेकर भी टेलीकॉम मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि कंपनी इस साल तो नहीं, लेकिन अप्रैल 2024 तक 5जी सर्विस रोलआउट करने की योजना में है।
5जी सर्विस का इस्तेमाल केवल तेज स्पीड वीडियो डाउनलोड करने तक ही सीमित नहीं
वीएल कांता राव ने कहा कि 5जी सर्विस का इस्तेमाल आम यूजर्स के लिए तेज स्पीड में वीडियो डाउनलोड करने और फिल्में देखने तक ही सीमित नहीं है। इससे भी ज्यादा जरूरी है कि 5जी सर्विस इंडस्ट्री, एजुकेशन, एग्रीकल्चर, हेल्थ जैसे क्षेत्रों के लिए भी रोलआउट हो।
भारतीय तकनीकी कंपनियों में दिलचस्पी दिखा रहे ग्लोबल लीडर्स
वीएल कांता राव ने बताया कि भारतीय तकनीकी कंपनियों में ग्लोबल लीडर्स भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। दुनिया की बड़ी चिपमेकर कंपनी इस कड़ी में आगे आई है।
मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में चिपमेकर कंपनी ने भारतीय कंपनी से भारत में बनने वाली चिप के बारे में जानने की इच्छा जताई। यही नहीं, कंपनी ने भविष्य में भारतीय चिप डिजाइन टीम के साथ मिलकर काम करने की पेशकश भी रखी। (एजेंसी इनपुट के साथ)
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