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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jio Airtel, Vi और BSNL यूजर्स के लिए जरूरी खबर, 1 नवंबर से बदल रहे नियम

Published: Sat, 26 Oct 2024 04:00 PM (IST)Updated: Mon, 28 Oct 2024 11:06 AM (IST)

1 नवंबर से नए टेलीकॉम नियम लागू हो रहे हैं। ट्राई ने कहा है कि सभी टेलीकॉम कंपनियां एक नवंबर ...और पढ़ें

एक नवंबर से बदल रहे टेलीकॉम से जुड़े जरूरी नियम
एक नवंबर से बदल रहे टेलीकॉम से जुड़े जरूरी नियम

HighLights

  1. एक नवंबर से बदल जाएंगे कई जरूरी नियम
  2. ट्रेसबिलिटी से लगेगी स्पैम कॉल्स पर लगाम
  3. नए नियमों पर टेलीकॉम कंपनियां परेशान

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) स्पैम और फर्जी कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए लगातार काम कर रहा है। कुछ दिन पहले ही नए टेलीकॉम नियम लागू हुए थे, जिन्हें फर्जी और स्पैम कॉल्स पर लगाम लगाने के मकसद से सरकारी संस्था लेकर आई थी। 1 नवंबर से दोबारा नए नियम लागू हो रहे हैं। जिसके बाद ऐसे कॉल्स पर और भी सख्ती हो जाएगी।

ट्राई ने सभी टेलीकॉम कंपनियों से कहा है कि वह मैसेज ट्रेसबिलिटी (Massage Traceability) को लागू करें। हालांकि इसपर टेलीकॉम कंपनियों ने आपत्ति दर्ज कराई है और कहा कि ऐसा करने से उनका कामकाज प्रभावित होगा।

लागू होंगे नए नियम

एक नवंबर से नए टेलीकॉम लागू हो रहे हैं। जिनके मुताबिक सभी टेलीकॉम कंपनियों को मैसेज ट्रेसबिलिटी को लागू करना अनिवार्य होगा। ऐसा करने से फर्जी और स्पैम कॉल करने वालों को ट्रेस करने में आसानी होगी। TRAI ने साफतौर पर कहा कि बैंकों, ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों और अन्य फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स की ओर से भेजे जाने वाले ट्रांजैक्शनल और सर्विस मैसेज की ट्रेसबिलिटी को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। ताकि कस्टमर्स के पास आने वाले स्पैम कॉल्स पर लगाम लग सके।

मैसेज ट्रेसबिलिटी क्या है?

मैसेज ट्रेसबिलिटी वह तरीका है, जिसकी मदद से फर्जी और फेक कॉल करने वालों को ट्रेस करने में आसानी होती है और कॉल आने से पहले ही उन्हें ब्लॉक कर दिया जाता है। इसके आ जाने के बाद कॉल पहले से ज्यादा सिक्योर हो जाएगी और उनकी बेहतर तरीके से निगरानी की जा सकेगी। मैसेज ट्रेसबिलिटी नियम लागू हो जाने के बाद कई और भी चीजें हैं जो सही हो जाएंगी।

Jio-Airtel और Vi की बढ़ी टेंशन

ट्राई ने तो साफ कर दिया है कि एक नवंबर से नए टेलीकॉम नियम लागू हो रहे हैं, लेकिन इस पर सभी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मैसेज ट्रेसबिलिटी लागू होने से उनका काम मुश्किल हो जाएगा और इससे कई चीजें प्रभावित होंगी।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने नए नियम लागू करने को लेकर ट्राई से कुछ वक्त मांगा है। टेलीकॉम कंपनियों ने कहा ''जल्दबाजी से इन नियमों को लागू करने के बजाय हम चाहते हैं कि इन्हें स्टेप बाय स्टेप लागू किया जाए।''

ऐसा करने के पीछे टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि नए नियम का पालन करने के लिए कई टेलीमार्केटर्स और कई प्रमुख संस्थान तैयार नहीं हैं। 

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