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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Call Forwarding स्कैम पर लगने जा रही लगाम, सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को दिया ये आदेश

Published: Mon, 01 Apr 2024 08:22 AM (IST)

टेलीकॉम डिपार्टमेंट (Department of Telecom in India) की ओर से टेलीकॉम कंपनियों जैसे रिलायंस जियो एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया को नए ...और पढ़ें

Call Forwarding स्कैम पर लगने जा रही लगाम, 15 अप्रैल के बाद नहीं हो सकेगा ये काम
Call Forwarding स्कैम पर लगने जा रही लगाम, 15 अप्रैल के बाद नहीं हो सकेगा ये काम

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप भी अपने फोन में यूएसएसडी कोड्स (Unstructured Supplementary Service Data) का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए एक नया अपडेट सामने आ रहा है।

मोबाइल यूजर्स के लिए कुछ समय बाद से फोन में यूएसएसडी कोड्स का इस्तेमाल बंद होने जा रहा है।

दरअसल, यूएसएसडी कोड्स को बंद करने के लिए सरकार (Department of Telecom in India) की ओर से नया ऑर्डर आया है।

कब से बंद हो रही है सर्विस

टेलीकॉम डिपार्टमेंट (Department of Telecom in India) की ओर से टेलीकॉम कंपनियों को यूएसएसडी कोड्स जैसे *401# को पूरी तरह से बंद करने के आदेश मिले हैं। यह सर्विस 15 अप्रैल 2024 से बंद की जा रही है।

सरकार की ओर से 28 मार्च को जारी किए गए इस ऑर्डर में साफ कहा गया है कि यूएसएसडी बेस्ड कॉल फॉरवर्डिंग सर्विस का लाइसेंस नया ऑर्डर आने तक इस महीने खत्म किया जा रहा है।

सरकार की ओर से क्यों लिया जा रहा है ये फैसला

दरअसल, सरकार की ओर से इस सर्विस को बंद किया जा रहा है क्योंकि, सर्विस का इस्तेमाल स्कैमर्स ऑनलाइन स्कैम के लिए कर रहे हैं।

मोबाइल यूजर्स को जानकारी भी नहीं होती और स्कैमर फ्रॉड कॉल कर उनसे कॉल फॉरवर्डिंग कोड को एक्टिवेट करवा लेते हैं।

नतीजन मोबाइल यूजर के फोन पर आने वाले जरूरी कॉल्स और मैसेज का डेटा किसी अनजान डिवाइस पर जाने लगता है।

स्कैमर्स इस तरीका का इस्तेमाल कर मोबाइल यूजर के ओटीपी पाने की कोशिश करते हैं ताकि, पैसों से जुडे़ फ्रॉड को अंजाम दिया जा सके।

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कैसे कर सकेंगे कॉल फॉरवर्डिंग सर्विस का इस्तेमाल

वे सब्सक्राइबर्स जो यूएसएसडी बेस्ड कॉल फॉर्वर्डिंग सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं उन्हें किसी दूसरे तरीके से इस सर्विस को दोबारा एक्टिवेट करवाना होगा।

इस सर्विस का इस्तेमाल मोबाइल यूजर अपनी ऑथेंसिटी प्रमाणित करने के साथ कर सकते हैं।