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    Data Governance Framework: डाटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क लाने की तैयारी में सरकार, जनता के साथ सरकार को भी होगा फायदा

    By Ankita PandeyEdited By:
    Updated: Thu, 14 Apr 2022 09:43 AM (IST)

    Data Governance Framework मंत्रालय के सूत्रों से पता चला है कि सरकार डाटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क लाने की तैयारी कर रही है। इसकी मदद से सरकारी एजेंसियों के बीच डाटा शेयर करना आसान हो जाएगा। इससे नीति बनाने में भी आसानी होगी और इसका फायदा जनता के साथ सरकार को मिलेगा।

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    Data Governance Framework: सरकार ला रही है डाटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क, जानें डिटेल

    नई दिल्ली, टेक डेस्क।Data Governance Framework: सरकार जल्द ही डाटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क लाने जा रही है। इस फ्रेमवर्क के तहत सभी प्रकार के डाटा को सरकारी एजेंसियों के बीच एक दूसरे के साथ शेयर किया जा सकेगा। अभी प्राइवेट एजेंसियां डाटा का बखूबी इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन सरकारी स्तर पर एक-दूसरे विभागों के बीच डाटा की शेयरिंग उस स्तर पर नहीं हो रही है। बता दें इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय कि डाटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क बनाने के काम में जुटा है। इतना ही नहीं, मंत्रालय डाटा गवर्नेंस के लिए अलग से विभाग का भी गठन कर सकता है।

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    इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय के एक अधिकारी ने उदाहरण देते हुए बताया कि अभी मनरेगा कार्यक्रम चलाने वाले विभाग को यह नहीं पता होता है कि इनमें से कितने श्रमिक/ मजदूर हर महीने सरकारी राशन लेते हैं। अगर इस प्रकार की सटीक जानकारी विभाग एक-दूसरे से साझा करते हैं तो नीति बनाने में आसानी होगी और इसका फायदा जनता के साथ सरकार को मिलेगा। इसके अलावा सरकारी खर्चे का भी सही इस्तेमाल हो सकेगा और अधिक से अधिक लोगों को फायदा मिलेगा। डाटा के इस्तेमाल से सरकारी विभागों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी और पारदर्शिता भी आएगी।

    मंत्रालय के सूत्रों से पता चला है कि डाटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क डिजिटल गवर्मेंट युग में प्रवेश का पहला कदम होगा, जिसके तहत डाटा की सिक्योरिटी और प्राईवेसी के सिद्धांत का पालन करते हुए पुख्ता सूचना के आधार पर सरकारी फैसले लिए जाएंगे। मिली जानकारी के मुताबिक, डाटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क के लिए जल्द ही मसौदा(कॉन्ट्रेक्ट) जारी कर दिया जाएगा और स्टेकहोल्डर्स से राय लेने के बाद उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

    मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक अभी विभिन्न मंत्रालय, विभाग अपना अलग-अलग डाटा पोर्टल बनाते हैं, जो एक-दूसरे विभाग के साथ जुड़े नहीं होते हैं। इस वजह से डाटा शेयरिंग का कोई व्यापक और ठोस मैकेनिज्म नहीं है। उम्मीद की जा रही है कि डाटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क इस कमी को दूर करेगा।