Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    EU Apple Fine: यूरोपीय यूनियन ने पकड़ी Apple की बड़ी चोरी, लगाया भारी-भरकम जुर्माना

    By Agency Edited By: Yogesh Singh
    Updated: Mon, 04 Mar 2024 09:25 PM (IST)

    यूरोपीय यूनियन (EU) ने Apple पर करीब 2 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया है। स्वीडिश स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म Spotify ने इस मामले में पांच साल पहले शिकायत की थी। इस पर चली लंबी जांच के बाद EU ने Apple Inc पर करीब 1.8 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि Apple ने लगभग एक दशक तक इस तरह से काम किया है।

    Hero Image
    EU ने Apple पर करीब 2 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया है।

    एजेंसी, नई दिल्ली। यूरोपीय यूनियन (EU) ने Apple पर करीब 2 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया है। समाचार एजेंसी एसोसिएट प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी पर यह जुर्माना ऐप स्टोर को कॉम्पिटर्स के लिए बंद करने पर लगाया गया है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    यूरोपीयन कमिशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि ऐप्पल ने ऐप डेवलपर्स को iOS यूजर्स को ऐप के बाहर अलर्टनेटिव और सस्ते म्यूजिक सब्सक्रिप्शन सर्विस के बारे में जानकारी देने से बैन किया गया है।

    Apple लंबे समय से कर रहा यह काम

    ईयू के नियमों के तहत यह पूरी तरह से अवैध है। रिपोर्ट बताया गया है कि Apple ने लगभग एक दशक तक इस तरह से काम किया है, जिसका मतलब हुआ कि Apple यूजर्स ने म्यूजिक स्ट्रीमिंग सब्सक्रिप्शन के लिए ज्यादा भुगतान किया है।

    ईयू ने जांच में पाया कि Apple ने डेवलपर्स को स्ट्रीमिंग सर्विस के यूजर्स को यह बताने के लिए बैन कर दिया कि बाहर से ऐप का सब्सक्रिप्शन कितना है। इसके साथ ही वह डेवलपर्स को यूजर्स को सब्सक्रिप्शन के लिए पेमेंट करने के सस्ते तरीकों के बारे में बताने से रोकता है

    Spotify की शिकायत पर हुई कार्रवाई

    स्वीडिश स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म Spotify ने इस मामले में पांच साल पहले शिकायत की थी। इस पर चली लंबी जांच के बाद EU ने Apple Inc पर करीब 1.8 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया गया है।

    Apple की पेमेंट सर्विस पर भी चल रही जांच

    Apple की मोबाइल पेमेंट सर्विस को लेकर EU अलग से एंटीट्रस्ट जांच कर रहा है। यह जांच दो पहलुओं पर चल रही है, जिसमें Apple डिजिटल कॉन्टेंट बनाने वाले ऐप डेवलपर्स को अपने इन-हाउस भुगतान सिस्टम को यूज करने के लिए मजबूर करने को लेकर है। इसके साथ ही कंपनी 30 प्रतिशत कमीशन लेती है।

    EU गूगल पर भी लगा चुका है जुर्माना

    EU पिछले काफी समय से बड़ी टेक कंपनियों पर नकेल कस रहा है। पिछले दिनों उसने Google और Meta पर ऑनलाइन क्लासिफाइड एड मार्केट को लेकर भारी-भरकम जुर्माना लगाया था।

    ये भी पढ़ें- Motorola जल्द पेश कर सकता अपना पहला AI बेस्ड Smartphone, डिटेल्स आईं सामने