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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

AI को खतरा नहीं समझते Bill Gates, बोले- किसी भी टेक्नोलॉजी को कंट्रोल कर सकता है इंसान

By Subhash GariyaEdited By: Subhash Gariya
Published: Wed, 12 Jul 2023 06:38 PM (IST)

माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर अपना व्यू रखते हुए इसकी क्षमता और खतरों का जिक्र ...और पढ़ें

Bill Gates shared his perspective on artificial intelligence.
Bill Gates shared his perspective on artificial intelligence.

नई दिल्ली, टेक डेस्क। Microsoft के को-फाउंडर और जाने-माने टेक विशेषज्ञ बिल गेट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर अपने विचार शेयर किए हैं। AI पर बिल गेट्स का कहना है कि यह तेजी से विकसित हो रही टेक्नोलॉजी हे, जिसमें विशाल क्षमता है। इसके साथ ही यह कई जोखिम लेकर आता है।

बिल गेट्स ने AI के भविष्य को लेकर आशावादी रवैया व्यक्त करते हुए कहा कि इसकी जबरदस्त क्षमता के इस्तेमाल से माइक्रोप्रोसेसर, पर्सनल कंप्यूटर, इंटरनेट और मोबाइल टेक्नोलॉजी में अभूतपूर्व डेवलपमेंट किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रोडक्टिविटी, हेल्थकेयर और एजुकेशन के क्षेत्र में AI को बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है।

प्रोडक्टिविटी, हेल्थकेयर और एजुकेशन में सुधार

AI की क्षमता पर जोर देते हुए गेट्स ने कहा, "अगर AI को सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह हेल्थकेयर और एजुकेशन असमानता को कम करने में मदद कर सकता है। प्रोडक्टिविटी में, एआई प्रॉसेस के स्ट्रीमलाइन और इफिशिएंसी को बढ़ा सकता है।

AI की मदद से हेल्थ केयर सर्विस को लोकतांत्रिक बनाया जा सकता है और डायग्नोसिस में सुधार किया जा सकता है। वहीं बात करें एजुकेशन की तो इससे पर्सनलाइज्ड लर्निंग और इक्विटी गैप में सुधार किया जा सकता है।

AI के जोखिमों का भी किया जिक्र

ऐसा नहीं है कि AI के चलते बिल गेट्स का दृष्टिकोण एकतरफा है। उन्होंने इसके वास्तविक जोखिमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा AI सिस्टम अशुद्धियों, हलूसिनेशन (भूल-चूक) और प्रासंगिक समझ में कमी जैसी चुनौतियों को स्वीकार किया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा नहीं है कि इन चुनौतियों से पार नहीं पाया जा सकता है, लेकिन इनसे निपटने के लिए ठोस प्रयास की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि इंसानों के पास टेक्नोलॉजी से उत्पन्न होने वाले चुनौतियों पर काबू पाने का ट्रैक रिकॉर्ड है। उनका मानना है कि हम AI पर भी कंट्रोल कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए सरकार और निजी कंपनियों को साथ मिलकर काम करना होगा।

गेट्स ने OpenAI के ChatGPT और गूगल के बार्ड एआई का भी उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे Salesforce, Spotify और Snap जैसी कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट में AI इंटीग्रेशन के साथ यूजर्स का एक्सपीरियंस बेहतर किया है।