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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

क्या भारत के पास होगा खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम? जानें कैसे करेगा काम

By Ankita PandeyEdited By: Ankita Pandey
Published: Fri, 20 Jan 2023 05:44 PM (IST)Updated: Fri, 20 Jan 2023 07:25 PM (IST)

IIT Madras और प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन द्वारा स्थापित एक कंपनी JNDK ऑपरेशंस प्राइवेट लिमिटेड ने BharOS नाम का एक ऑपरेटिंग ...और पढ़ें

IIT Madras incubated BharOS Indigenous Mobile Operating System
IIT Madras incubated BharOS Indigenous Mobile Operating System

नई दिल्ली, टेक डेस्क। सरकार के आत्मनिर्भर भारत सोच को नई दिशा देने की पहल के तौर पर IIT मद्रास ने एक मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम को विकसित किया है। इसकी मदद से भारत के पास अपना खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम होगा। आइये इसके बारे में जानते हैं।

क्या है BharOS ?

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास द्वारा विकसित एक कंपनी JandK ऑपरेशंस ने मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम बनाया है, जो भारत के 1 बिलियन मोबाइल फोन यूजर्स के लिए लाभकारी हो सकता है। इस ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर का नाम 'BharOS' है। बता दें कि इस सॉफ्टवेयर को व्यावसायिक रूप से उपलब्ध स्मार्टफोन पर डाउनलोड किया जा सकता है और यह यूजर्स के लिए एक सुरक्षित वातावरण देता है।

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इन हैंडसेट पर करेगा काम

यह सिस्टम कमर्शियल ऑफ-द-शेल्फ हैंडसेट पर स्थापित किया जा सकता है। BharOS सेवाएं वर्तमान में उन संगठनों को दी जा रही हैं, जिनके पास कड़ी गोपनीयता और सुरक्षा आवश्यकताएं हैं और जिनके यूजर्स संवेदनशील जानकारी को संभालते हैं, जिसके लिए मोबाइल पर प्रतिबंधित ऐप्स पर गोपनीय संचार की आवश्यकता होती है।

ऐसे यूजर्स को निजी 5G नेटवर्क के माध्यम से निजी क्लाउड सेवाओं तक एक्सेस की जरूरत होती है। बता दें कि BharOS को JandK Operations Private Limited (JandKops) द्वारा विकसित किया गया था, जिसे IIT Madras में इन्क्यूबेट किया गया है।

ज्यादा सुरक्षित है ये OS

IIT मद्रास के निदेशक वी कामकोटि ने कहा कि BharOS सर्विस एक मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो भरोसे की बुनियाद पर बनाया गया है, जिसमें यूजर्स को उनकी जरूरत के हिसाब से ऐप चुनने और इस्तेमाल करने की ज्यादा आजादी, नियंत्रण और फ्लेक्सिबिलिटी देने पर ध्यान दिया गया है।

कई एजेंसियों के साथ करेगा काम

उन्होंने यह भी कहा कि हम अपने देश में BharOS के उपयोग को बढ़ाने के लिए कई और निजी उद्योगों, सरकारी एजेंसियों, रणनीतिक एजेंसियों और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद करते हैं।

नो डिफॉल्ट ऐप्स के साथ करता है काम

भरोस नो डिफॉल्ट ऐप्स (NDA) के साथ आता है। इसका अर्थ है कि यूजर्स को उन ऐप्स का उपयोग करने के लिए मजबूर नहीं किया जाता है, जिन पर वे भरोसा नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा, यह यूजर्स को उन अनुमतियों पर अधिक नियंत्रण रखने की अनुमति देता है और वे केवल उन ऐप्स को अनुमति देना चुन सकते हैं, जिन पर वे भरोसा करते हैं। JandK ऑपरेशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कार्तिक अय्यर के अनुसार, BharOS 'नेटिव ओवर द एयर' (NOTA) अपडेट देता है, जो उपकरणों को सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।

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