यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Android Device में स्टोरेज के लिए नहीं होंगे अब परेशान, गूगल का auto-archive फीचर बनेगा समाधान
Google auto archive feature टेक कंपनी गूगल ने एक नए फीचर को पेश किया है। auto-archive फीचर की मदद से ...और पढ़ें

नई दिल्ली, टेक डेस्क। टेक कंपनी गूगल ने अपने एंड्रॉइड यूजर्स के लिए एक नया फीचर पेश किया है। कंपनी ने यूजर्स के लिए auto-archive फीचर पेश किया है। इस फीचर की मदद से यूजर को अब डिवाइस में स्टोरेज की चिंता नहीं करनी होगी। फीचर की मदद से स्टोरेज फुल होने पर भी नई ऐप्स को डाउनलोड किया जा सकेगा।
ऐप्स को रिमूव कर भी डाटा रहेगा सेव्ड
कई बार यूजर्स एंड्रॉइड डिवाइस में जरूरत के लिए किसी ऐप को डाउनलोड कर लेते हैं। इसके बाद उस ऐप की जरूरत नहीं होती है या बहुत कम जरूरत होती है। हालांकि, यह ऐप फिर भी डिवाइस में मौजूद होता है। ऐसे ऐप्स डिवाइस में केवल और केवल स्टोरेज को फुल कर रहे होते थे।
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कंपनी का दावा है कि नए फीचर की मदद से ऐसे ऐप्स का साइज कम करने में मदद मिलेगी। इतना ही नहीं, साइज कम होने के साथ ही इस फीचर की मदद से ऐप का सेव्ड डाटा भी सुरक्षित रहेगा।
स्टोरेज फुल होने पर भी नया ऐप होगा डाउनलोड
auto-archive फीचर की मदद से यूजर को डिवाइस की स्पेस फ्री करने के लिए ऐसे ऐप्स को डिलीट करने की जरूरत नहीं होगी। इस फीचर को एक्टिव करते ही यूजर के लिए कम जरूरी ऐप रिमूव हो जाएगा। इस तरह ऐप के रिमूव होने से स्पेस खाली रहेगी, जबकि फीचर रिमूव किए गए ऐप के आइकन और यूजर के पर्सनल डाटा को स्टोर कर रखेगा। यानी दोबारा कभी ऐप का इस्तेमाल करने की स्थिति में इसे रि-डाउनलोड किया जा सकेगा।
ऐसे काम करता है auto archive फीचर
डिवाइस की स्टोरेज फुल होने पर अगर यूजर किसी नए ऐप को इंस्टॉल करता है तो एक पॉप-अप विंडो अपीयर होगी। इस विंडो में यूजर्स को auto-archive फीचर एनेबल करने का ऑप्शन दिया जाएगा। फीचर एनेबल करते ही यूजर के डिवाइस में इस्तेमाल ना होने वाली ऐप्स auto-archived हो जाएंगी। इसके साथ ही नए ऐप के लिए डिवाइस में स्पेस खाली हो जाएगी।
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गूगल का यह नया फीचर केवल उन डेवलपर्स के लिए पेश किया गया है जो अपने ऐप्स को पब्लिश करने के लिए एपल बंडल का इस्तेमाल करते हैं।
