नई दिल्ली, टेक डेस्क। टेलिकॉम कंपनी भारती Airtel ने स्वीडिश टेलिकॉम सॉल्यूशन प्रोवाइडर Ericsson के साथ 5G नेटवर्क के लिए करार किया है। स्वीडिश कंपनी ने Airtel के साथ 5G के लिए डील में 5G रेडी क्लाउड पैकेट कोर नेटवर्क डिप्लॉयमेंट के लिए करार किया है। Airtel और Ericsson मिलकर भारत में 5G के इवोल्यूशन तक कंपनी के नेटवर्क को बूस्ट करने का काम करेंगे। नेटवर्क डिप्लॉयमेंट के बाद Airtel का नेटवर्क भी यूरोपियन टेलिकॉम स्टैंडर्ड की तरह ही vEPG (Virtual Evolved Packet Gateway) की तरह हो जाएगा। Ericsson के इस नेटवर्क टेक्नोलॉजी के डिप्लॉयमेंट के बाद Airtel का नेटवर्क पहले से बेहतर हो जाएगा और यूजर्स को इंप्रूव्ड हाई-सपीड डाटा मुहैया करया जाएगा।

Airtel के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर ने बताया कि भारत तेजी से डाटा खपत करने वाले बाजार के तौर पर उभर रहा है। यूजर्स के दिन-ब-दिन बढ़ते हुए डाटा डिमांड को पूरा करने के लिए हमें नई टेक्नोलॉजी को अपनाना होगा। हम अपने यूजर्स को बेहतर डाटा एक्सपीरियंस के लिए इनोवेटिव टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं। Ericsson हमारा पुराना की-नेटवर्क पार्टनर रहा है। इस नए डेवलपमेंट के बाद हमारे नेटवर्क पैकेट कोर डाटा इंप्रूव हो जाएगा, जिसकी वजह से डाटा कैपेसिटी बढ़ जाएगी। ये एज (EDGE) क्लाउट नेटवर्क रेडी है, जिसकी वजह से डाटा पैकेट की स्पीड बढ़ जाएगी।

Ericsson यूरोपीय देशों में वर्चुअल इवोल्व्ड पैकेट गेटवे सॉल्यूशन प्रोवाइड कर रहा है, जो कि यूरोपीय टेलिकॉम्युनिकेशन स्टैंडर्ड्स को फॉलो करती है। यह सॉल्यूशन एज कम्प्युटिंग और कंटेनर मैनेजमेंट कैपेबिलिटिस से लैस है जो मोबाइल ब्रॉडबैंड को ऑप्टिमाइज करके एडवांस्ट इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) सर्विस प्रदान करती है। आपको बता दें कि Airtel 2017 से ही MIMO (मल्टीपल इनपुट मल्टीपल आउटपुट) नेटवर्स सॉल्युशन अपने यूजर्स को प्रदान करवा रहा है। कंपनी ने इसे सबसे पहले बैंगलुरू में टेस्ट किया। बाद में इस तकनीक को अन्य टेलिकॉम सर्किल के लिए भी रोल आउट किया जा रहा है। MIMO को प्री-5G नेटवर्क सॉल्यूशन या फिर 4.5G भी कहा जाता है।

Posted By: Harshit Harsh

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