नई दिल्ली, टेक डेस्क। तकनीक के इस दौर में मोबाइल इतने स्मार्ट हो गए हैं कि अब पानी भी इनको नुकसान नहीं पहुंचा पाता है। क्योंकि ये फोन एक स्पेशल कोटिंग और सर्टिफिकेशन के साथ आते हैं, जो इन्हें वाटर रेसिस्टेंस, रिपेलेंट और वाटरप्रूफ बनाते हैं। हालांकि, ज्यादातर यूजर्स वाटर रेसिस्टेंस, रिपेलेंट और वाटरप्रूफ के बीच का अंतर समझ नहीं पाते हैं और खुद का नुकसान कर बैठते हैं। इसलिए आज हम आपको इस खबर में वाटर रेसिस्टेंस, रिपेलेंट और वाटरप्रूफ के बीच के अंतर के बारे में विस्तार से बताएंगे। आइए जानते हैं...

Water resistant का मतलब

वाटर रसिस्टेंट का अर्थ वाटरप्रूफ नहीं है। वाटर रसिस्टेंट के होने से फोन में पानी आसानी से नहीं घुस पाता है। यदि पानी की कुछ बूंदें स्मार्टफोन के अंदर चली भी जाती हैं तो उससे डिवाइस को जरा-सा भी नुकसान नहीं होता है। हालांकि, अगर फोन पानी में डूब भी जाता है तो इससे डिवाइस खराब होता है।

Water repellent का अर्थ

आपका स्मार्टफोन वाटर रिपेलेंट है तो इसका मतलब है कि आपके डिवाइस के अंदर और बाहर एक पतली कोटिंग चढ़ाई गई है, जो पानी को भीतर घुसने से रोकती है। अधिकतर स्मार्टफोन कंपनियां इस कोटिंग को हाइड्रोफोबिक के माध्यम से तैयार करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि साधारण फोन की तुलना में वाटर रिपेलेंट स्मार्टफोन ज्यादा बेहतर और सुरक्षित होते हैं।

Waterproof का मतलब

आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन वाटरप्रूफ प्रमाणीकरण के साथ आते हैं। इसका अर्थ है कि डिवाइस पानी में गिरने के बाद भी सुरक्षित रहता है। इसकी खूबी है कि आप अपने डिवाइस से पानी के भीतर भी फोटो क्लिक कर सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि फोन पानी में डूब गया है तो भी डिवाइस काम करेगा, ऐसी स्थिति में फोन जरूर खराब हो जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वाटरप्रूफ फोन कुछ मीटर तक ही पानी में काम करता है।

Edited By: Ajay Verma