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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Smartphone की बैटरी को लेकर आपके मन में भी तो नहीं गलतफहमी? हकीकत नहीं, केवल मिथ हैं ये बातें

By Shivani KotnalaEdited By: Shivani Kotnala
Published: Tue, 11 Apr 2023 03:01 PM (IST)Updated: Tue, 11 Apr 2023 03:42 PM (IST)

Smartphone Battery Myths स्मार्टफोन की बैटरी को लेकर बहुत से यूजर्स कुछ टिप्स को फॉलो करते हैं। हालांकि स्मार्टफोन की ...और पढ़ें

Smartphone Battery Myths that you should stop believing, Pic Courtesy- Freepik
Smartphone Battery Myths that you should stop believing, Pic Courtesy- Freepik

नई दिल्ली, टेक डेस्क। Smartphone की बैटरी हर यूजर के लिए मायने रखती है। यही वहज है कि हर यूजर स्मार्टफोन की बैटरी की खास देखभाल के लिए तमाम तरह की बातें फॉलो करता है।

हालांकि, कई बार यूजर स्मार्टफोन की बैटरी से जुड़ी ऐसी टिप्स को फॉलो कर रहा होता है, जिनका हकीकत से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं होता। यानी बैटरी से जुड़े कुछ बातें केवल और केवल मिथ होती हैं। इस आर्टिकल में आपको स्मार्टफोन की बैटरी से जुड़ी कुछ जरूरी बातों को बताने जा रहे हैं-

स्मार्टफोन की बैटरी रात भर चार्ज करना

स्मार्टफोन को दिन में चार्ज करना थोड़ा मुश्किल काम है, क्योंकि दिन में अधिकतर समय यूजर को फोन की जरूरत पड़ती है। ऐसे में हर यूजर रात में सोने के दौरान डिवाइस को चार्जिंग पर लगा देता है।

हालांकि, बहुत ये यूजर्स इसे बैटरी के लिए खतरनाक मानते हैं, जबकि यह एक मिथ भर होता है। स्मार्टफोन में एडवांस टेक्नोलॉजी की मदद से बैटरी फुल चार्ज होने के बाद चार्ज होना खुद-ब-खुद बंद हो जाती है।

पब्लिक चार्जिंग पोर्ट का इस्तेमाल

बहुत से यूजर्स पब्लिक चार्जिंग पोर्ट को एक बड़ी सुविधा मान इसका पूरा लाभ उठाते हैं। सफर के दौरान या कैफे में इस तरह की सुविधा का इस्तेमाल करना बिल्कुल भी सेफ नहीं माना जा सकता है। यह सुविधा तो है, लेकिन आपकी पर्सनल और बैंकिंग जानकारियों को एक बड़ा नुकसान पहुंच सकता है, क्योंकि हैकर्स आजकल एडवांस तरीकों से यूजर्स को निशाना बनाते हैं।

नए फोन को इस्तेमाल करने से पहले चार्ज करना

बहुत से यूजर का मानना होता है कि नए फोन को इस्तेमाल करने से पहले फुल चार्ज करना जरूरी है। हालांकि, यह भी केवल एक मिथ है।

जानकार बताते हैं कि नया फोन आपके हाथ में आने तक टेस्टिंग और मैन्युफैक्चरिंग के प्रॉसेस में बैटरी आधे से ज्यादा ड्रेन हो चुकी होती है।

बैटरी को चार्ज करने का सही समय

बहुत से यूजर्स का मानना होता है कि फोन की बैटरी एक बार फुल चार्ज करने के बाद 0 होने पर ही दोबारा चार्ज करनी चाहिए। हालांकि, यह भी एक मिथ है। जानकार बताते हैं कि फोन की बैटरी को चार्ज करने के लिए इसे 20 प्रतिशत डाउन होने के बाद ही चार्ज कर लेना चाहिए। इसके साथ ही बैटरी को फुल चार्ज करने की जगह 80 प्रतिशत चार्ज कर लेना ही सही माना जाता है।

किसी एक ऐप के इस्तेमाल से बैटरी का प्रभाव

यूजर्स का मानना होता है कि बैटरी ड्रेन के लिए मल्टीपल ऐप्स का इस्तेमाल कारण बनता है। हालांकि, यह भी केवल एक मिथ है।

कई बार एक ही ऐप का इस्तेमाल करना आपकी बैटरी की लाइफ को प्रभावित कर रहा होता है। उदाहरण के लिए यूट्यूब पर एचडी क्वालिटी में वीडियो देखना बैटरी को मिनटों में डाउन कर सकता है। इस मामले में 5500 एमएएच की बैटरी भी फेल हो सकती है।

चार्जिंग के दौरान डिवाइस का इस्तेमाल

बहुत से यूजर्स के जेहन में बात होती है कि अगर चार्जिंग के दौरान फोन का इस्तेमाल किया गया तो बैटरी ब्लास्ट हो सकती है। वहीं, दूसरी ओर जानकार इसे केवल एक मिथ मानते हैं। बैटरी को चार्ज करने के दौरान डिवाइस के इस्तेमाल करने में कुछ भी गलत नहीं है। हालांकि, डिवाइस को चार्जिंग में नॉर्मल से ज्यादा समय जरूर लग सकता है।