नई दिल्ली, टेक डेस्क। Google Search हमारे लिए कितना अहम है, हम इस बात का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि जब भी कुछ नया जानना हो या सीखना हो हम इसी का सहारा लेते हैं। इस समय भारत में 70 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हैं, जो Google Search पर कुछ न कुछ सर्च करते हैं। आप घर में हो या ऑफिस में हो या फिर कहीं ट्रैवल कर रहे हों, कुछ सर्च करना हो तो Google Search ही सहारा होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि Google Search पर कभी-कभी हम कुछ ऐसी चीजें भी सर्च कर लेते हैं जिसकी वजह से हमें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। आज हम आपको ऐसी ही 5 चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप भूलकर भी Google Search में सर्च न करें, नहीं तो आपको भी लेने के देने पड़ सकते हैं।

कंपनियों के कस्टमर केयर नंबर

पिछले एक दो दशक से कस्टमर केयर काफी लोकप्रिय हो चला है। हम कोई भी प्रोडक्ट इस्तेमाल कर रहे होते हैं और उसमें किसी भी तरह की परेशानी आने पर हम सीधा कस्टमर केयर को कॉल करने की सोचते हैं। हमें कई बार किसी कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पता नहीं होता है, ऐसे में हम Google Search का ही सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि Google पर किसी भी कस्टमर केयर का नंबर सर्च करना नुकसान दायक साबित हो सकता है।

आपको बता दें कि साइबर क्राइम को बढ़ावा देने वाले हैकर्स किसी भी कंपनी का फेक या फर्जी हेल्पलाइन नंबर Google Search में फ्लोट करते हैं। ऐसे में जब आप उस नंबर पर कॉल करेंगे तो आपका नंबर हैकर्स के पास पहुंच जाता है। जिसके बाद हैकर्स आपको आपके नंबर पर कॉल करके साइबर क्राइम को अंजाम दे सकते हैं, जिसमें कि SIM Swap जैसी घटनाएं शामिल हैं।

ऑनलाइन बैंकिंग सर्विस

आजकल डिजिटल ट्रांजेक्शन का चलन काफी बढ़ गया है। ऐसे में हमें अगर किसी भी तरह की बैंकिंग सर्विस का इस्तेमाल करना होता है तो हम वो काम ऑनलाइन ही करते हैं। ऐसे में कई बार ऐसा होता है कि हम बैंक के वेबसाइट Google Search में सर्च करते हैं। हैकर्स गलत कस्टमर केयर नंबर की तरह ही गलत URL फ्लोट करके असली वेबसाइट का क्लोन बना सकते हैं। ऐसे में आपको जब भी ऑनलाइन बैंकिंग सर्विस का इस्तेमाल करना हो तो आप बैंक के ऑफिशियल वेबसाइट का URL ही एंटर करें। ऑफिशियल URL बैंक के डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पासबुक या फिर चेक बुक पर दर्ज होता है। वहां दिए गए बैंक के ऑफिशियल वेबसाइट के URL का ही इस्तेमाल करके आप बैंकिंग सर्विस का इस्तेमाल करें।

मेडिकल प्रिसक्रिप्शन

अक्सर हम बीमार पड़ने पर डॉक्टर से कंसल्ट नहीं करते हैं और Google पर बीमारी के लक्षण के आधार पर दवाई सर्च करते हैं। ये हमारे लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है। जब भी आप बीमार हों तो आप अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें। Google आपको सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं कराता है, उस पर वही जानकारी उपलब्ध होती है, जो दर्ज की जाती है। मेडिकल और बीमारी की स्तिथि में ऐसी गलती भूलकर भी न करें।

ऐप या सॉफ्टवेयर

गूगल सर्च के जरिए कई बार फिशिंग या फर्जी ऐप्स और सॉफ्टवेयर हम डाउनलोड कर लेते हैं, जो हमारे डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में किसी ऐप को आप गूगल प्ले स्टोर या फिर ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। यही नहीं, किसी भी सॉफ्टवेयर को कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट से ही डाउनलोड करें।

सरकारी वेबसाइट

इन दिनों हैकर्स सरकारी वेबसाइट और पोर्टल का डुप्लीकेट वेबसाइट भी प्रमोट करने लगे हैं। कई यूजर्स इन फर्जी वेबसाइट के आसानी से शिकार हो सकते हैं। सरकारी वेबसाइट के अंत में gov.nic.in जरूर मेंशन होता है। वेब अड्रेस को देखकर ही किसी भी सरकारी वेबसाइट को ओपन करें। 

Posted By: Harshit Harsh

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