नई दिल्ली, विनीत शरण। अनलॉक-1 लागू होने के बाद भी बड़ी संख्या में लोग ‘वर्क फ्रॉम होम’ कर रहे हैं। ऐसे में अच्छी इंटरनेट स्पीड और सुरक्षित वाईफाई बेहद जरूरी हैं। ऐसे में अगर आप स्लो इंटरनेट की समस्या से जूझ रहे हैं तो आप को कई कदम उठाने की जरूरत है। इन उपायों से इंटरनेट की स्पीड अच्छी हो जाएगी। इस संबंध में हम आपको एक्सपर्ट के सुझाए टिप्स बता रहे हैं-

सबसे पहले इंटरनेट स्पीट चेक करें

डेस्कटॉप या लैपटॉप पर नेट स्पीड चेक करने के लिए आप स्पीड टेस्टिंग वेबसाइट जैसे speedtest.net या fast.com पर जाएं। यहां आपको डाउनलोड और अपलोड स्पीड दिख जाएगी। वहीं, मोबाइल पर भी आप इन साइट्स को ओपन कर सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर से ऐप्स डाउनलोड करके भी स्पीड के बारे में जानकारी ले सकते हैं। 15mbps धीमी स्पीड होती है, जबकि 25mbps औसत स्पीड है। जबकि 40mbps या उससे ज्यादा बेहतरीन स्पीड होती है।

यूं करें इंटरनेट स्पीड में सुधार

1. सबसे जरूरी सही प्लान का चयन

देखें कि आपको वर्क फ्रॉम होम में रोज कितने इंटरनेट डाटा की जरूरत है और आपके काम के लिहाज से कितनी इंटरनेट स्पीड होनी चाहिए। बेहतर प्‍लान का चुनाव करते वक्त सबसे पहले आपको यह देखना होगा कि कौन से प्‍लान में बेहतर कनेक्‍शन मिलेगा। इसके अलावा, आपके घर के निकट कौन सी कंपनी का नेटवर्क अच्छा है। आप इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से बात कर सकते हैं और बेहतर प्लान चुन सकते हैं। पर्याप्त डाटा और अच्छी स्पीड वाला प्लान ही चुनें।

2. कंप्यूटर को सीधे राउटर से जोड़ें

कंप्यूटर को सीधे राउटर से इथरनल केबल के जरिए जोड़ें। इससे आपकी मूवमेंट कम हो जाती है, लेकिन इंटरनेट स्पीड के लिए यह बेहतर होता है। इसके साथ ही आप एडैप्टर भी ले सकते हैं। इस क्रम में एक्सटेंशन केबल की भी मदद ले सकते हैं।

3. अपने वायरलेस नेटवर्क का चैनल चेंज कर दें

इसमें थोड़ा वक्त और तकनीकी हुनर की जरूरत होती है, लेकिन आपको फायदा होगा। अगर आपका और आपके पड़ोसी का नेटवर्क एक ही चैनल पर चल रहा है तो आपके सिग्नल में दिक्कत आएगी। वायरलेस नेटवर्क विभिन्न रेडियो फ्रिक्वेंसी पर चलता है, जिसे चैनल कहते हैं। नए राउटर आटोमैटिक स्कैन कर क्लीन चैनल चुन लेते हैं। कुछ राउटर ऑफ-ऑन होने के बाद ऐसा करते हैं। पर हो सकता है कि आप डिफॉल्ट इस्तेमाल कर रहे हों, इसलिए आपको चैनल बदलने के लिए एडमिनिस्ट्रेटर की वेबसाइट या एप पर जाना होगा, जहां से आप राउटर सॉफ्टवेयर को अपडेट करते हैं। वाइफाई सेटअप या एडवांस सेटिंग में चैनल छिपे हो सकते हैं।

4. राउटर एक फ्रीक्वेंसी पर कनेक्ट करें

अगर आप ड्यूल-बैंड राउटर इस्तेमाल कर रहे हैं, जो 2.4 गीगहर्ट्ज और 5 गीगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी पर काम करता है, तो ऐसे में आप अपनी डिवाइस को केवल एक फ्रीक्वेंसी पर कनेक्ट करें। वहीं ड्यूल-बैंड राउटर में आप 2.4 गीगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी का चुनाव कर सकते हैं। इससे ज्यादा रेंज में भी सिग्नल स्ट्रेंथ अच्छी मिलती है। लैपटॉप से राउटर अगर 10 फीट की दूरी पर है तो आपके लिए 2.4 गीगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी का राउटर बेहतर रहेगा।

5. वाई-फाई डेड-जोन

वाई-फाई डेड-जोन का पता लगाने के लिए आप थर्ड पार्टी एप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको उन जगहों का पता चलता है, जहां वाई-फाई ठीक काम नहीं कर रहा है।

इन पर भी ध्यान दें

-एक बार में कम डिवाइसेज को वाई-फाई से कनेक्ट करना चाहिए।

-जिन डिवाइस की फिलहाल जरूरत नहीं है, उन्हें डिस्कनेक्ट कर दें।

-अगर वाई-फाई से कनेक्ट कोई डिवाइस अपडेट हो रहा है, तो दूसरी डिवाइसेज की स्पीड कम होगी।

-लगातार ऑनलाइन रहने की वजह से राउटर गर्म हो जाते हैं। ऐसे में राउटर को रीबूट करें।

-वाई-फाई राउटर्स को दीवार या इलेक्ट्रिक अप्लायंसेज से दूर रखें।

- दीवार या इलेक्ट्रिक अप्लायंसेज के पास राउटर रखऩे से वाई-फाई के सिग्नल ब्रेक होते हैं।

-अपने राउटर को हमेशा खुली जगह रखें।

-साथ ही अगर संभव हो तो इसे रेफ्रिजरेटर जैसे मेटल सामान से दूर रखें।

-नए राउटर पुराने की तुलना में 20 गुना ज्यादा तेज इंटरनेट स्पीड देते हैं।

ऐसे बढ़ाएं मोबाइल नेट की स्पीड

- देखें कि डिवाइस को सिग्नल ठीक से मिल रहा है या नहीं।

-डिवाइस का एयरप्लेन मोड ऑन-ऑफ करें।

-नेटवर्क को रीसेट और डिवाइस को रीबूट कर सकते हैं।

-इससे नेटवर्क दोबारा सबसे करीबी टावर से कनेक्ट हो जाता है।

- मोबाइल अपडेट्स के दौरान स्पीड कम हो जाती है।

- बैकग्राउंड में एप्स न चलें और अपडेट न हों।

वाईफाई और नेटवर्क को सुरक्षित बनाएं

इस वक्त अनॉथराइज्ड एक्सेस का खतरा ज्यादा है, क्योंकि हैकर्स को यह जानकारी है कि बहुत से लोग अपने घर से काम कर रहे हैं। आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि राउटर को बड़ी आसानी से हैक किया जा सकता है। एफ-सिक्योर के अनुसार, राउटर लेने से पहले पड़ताल करें कि आप कैसा राउटर ले रहे हैं। वाई-फाई को सुरक्षित रखने का एक रास्ता यह भी है कि आप ऐसे राउटर की मांग करें, जो नवीनतम वाई-फाई सुरक्षा प्रणाली को सपोर्ट करता हो।

1. अपने काम करने वाले डिवाइस को होम नेटवर्क से कनेक्ट करने से पहले वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का इस्तेमाल करें। फ्री वीपीएन का इस्तेमाल कतई न करें।

2. आधे से ज्यादा डेटा उल्लंघन कमजोर या पुराने पासवर्ड के कारण होते हैं। इसलिए मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें और उसे नियमित अंतराल पर बदलते रहें। अपने पासवर्ड को लैपटॉप या कंप्यूटर पर नहीं लिखें।

3. अगर आप अपने कंप्यूटर से दूर जाते हैं, भले ही थोड़े समय के लिए ही सही, तो कंप्यूटर को लॉक कर दें।

4. जहां भी संभव हो, एन्क्रिप्शन का उपयोग करना आवश्यक है।

5. अलग-अलग एक्सेस कंट्रोल को अलग-अलग स्तर के उपयोगकर्ताओं के लिए कॉन्फ़िगर किया जाना चाहिए।

6. इनबाउंड और आउटबाउंड ट्रैफ़िक को फ़िल्टर करने के लिए फ़ायरवॉल स्थापित किया जाना चाहिए।

7. राउटर का लॉग राउटर में डिफ़ॉल्ट रूप से नहीं छोड़ा जाना चाहिए। 

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