नई दिल्ली, टेक डेस्क।इस महीने की शुरुआत में गूगल ने अपने I/O 2022 पर छात्र आईडी, ट्रांज़िट टिकट, वैक्सीन कार्ड, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड संग्रहीत करने के साधन के रूप में गूगल वॉलेट लॉन्च करने की घोषणा की। गूगल ने अपने वार्षिक कार्यक्रम में कहा कि गूगल वॉलेट Wear OS पर भी उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने घोषणा की कि वॉलेट यूजर्स को गूगल मैप्स में ट्रांज़िट पास और टॉप अप की शेष राशि की जांच करने में सक्षम होंगे।

दिलचस्प बात यह है कि यह घोषणा तब हुई जब गूगल पहले से ही दुनिया भर के यूजर्स के लिए गूगल पे या GPay नामक एक भुगतान प्लेटफॉर्म की पेशकश कर रहा है। इसने यूजर्स के बीच भ्रम पैदा कर दिया है, जिनमें से कई सोच रहे हैं कि क्या Google ने गूगल पे को गूगल वॉलेट के रूप में रीब्रांड किया है, जैसा कि गूगल पे के साथ हुआ था जब यह तेज़ था, या फिर गूगल वॉलेट एक अलग सेवा है। इसलिए आइये जानते है कि आखिर गूगल वॉलेट और गूगल पे में क्या अंतर है।

नया नहीं है गूगल वॉलेट

आपको बता दे कि वॉलेट बिल्कुल नया नहीं है।गूगल ने पहली बार 2011 में गूगल वॉलेट लॉन्च किया था। उस समय, इसने एंड्रॉयड यूजर्स को डिजिटल रूप से भुगतान करने के लिए चुनिंदा स्टोर पर अपने फोन टैप करने की अनुमति दी थी। हालांकि, इसकी एक महत्वपूर्ण सीमा थी। यह केवल गूगल के Nexus स्मार्टफ़ोन के साथ काम करता था। इसके अतिरिक्त, यह भुगतान करने के लिए केवल सिटी, मास्टरकार्ड, फर्स्टडाटा और स्प्रिंट के क्रेडिट और डेबिट कार्ड का सपोर्ट करता है।

2011 मेंगूगल वॉलेट की घोषणा करते हुए, गूगल ने कहा था कि यूजर्स अपने क्रेडिट कार्ड, ऑफ़र, लॉयल्टी कार्ड और उपहार कार्ड को वॉलेट में संग्रहीत कर सकेंगे। कंपनी ने उस समय एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा था और बताया कि जब आप भुगतान करने के लिए टैप करते हैं, तो आपका फोन ऑटोमेटिकली ऑफ़र को रिडीम करेगा और आपके लिए लॉयल्टी पॉइंट अर्जित करेगा। उम्मीद थी कि किसी दिन, यूजर्स "बोर्डिंग पास, टिकट, आईडी और चाबी जैसी चीजें गूगल वॉलेट में संग्रहीत कर सकेंगे।

एंड्रॉयड पे में बदल जाता है गूगल वॉलेट

चार साल बाद Google I/O 2015 में, कंपनी ने गूगल वॉलेट को एंड्रॉयड पे से बदल दिया। एंड्रॉयड पे मूल रूप से गूगल वॉलेट का एक विकास था क्योंकि यह सभी एंड्रॉयड डिवाइसों में भुगतान की सुविधा प्रदान करता था। इसका उपयोग करना भी आसान था क्योंकि इसके लिए यूजर्स को एक अलग ऐप डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं थी। हालांकि, गूगल वॉलेट को खत्म करने के बजाय, कंपनी ने इसे एक पीयर-टू-पीयर भुगतान सेवा में बदल दिया गया है।

गूगल वॉलेट और एंड्रॉयड पे बने गूगल पे

2018 में,गूगल ने एंड्रॉयड पे और गूगल वॉलेट को गूगल पे नामक एक ही ऐप में बदल दिया। गूगल पे ने न केवल इन-स्टोर संपर्क रहित भुगतान की पेशकश की, बल्कि इसने पीयर-टू-पीयर भुगतान और ऑनलाइन भुगतान की भी पेशकश की। गूगल पे ने इवेंट टिकट, ट्रांज़िट कार्ड और उपहार कार्ड रखने के लिए गूगल वॉलेट की भूमिका संभाली। इसने क्रोम की ऑटोफिल सुविधा को भी बदल दिया, जिससे एंड्रॉयड यूजर्स को अपने सभी डिजिटल भुगतान और डिजिटल आईडी और कार्ड के लिए एक सेवा का उपयोग करने की सुविधा मिली।

गूगल पे सेंड बन गया गूगल वॉलेट

2018 में, एंड्रॉयड पे और गूगल वॉलेट को गूगल पे में जोड़ने से पहले, पुराने गूगल वॉलेट ऐप को ऑनलाइन भुगतान भेजने और प्राप्त करने के लिए गूगल पे सेंड के रूप में रिब्रांडेड किया गया था। गूगल पे ऐप को छोड़कर 2020 में इन ऐप को बंद कर दिया गया था। जब गूगल, गूगल पे को बेहतर बनाने पर काम कर रहा था, उसने 2018 में भारत में Tez नाम से एक डिजिटल भुगतान ऐप लॉन्च किया। Tez का उद्देश्य भारत के यूनिफाइड भुगतान इंटरफ़ेस (UPI) का उपयोग करके पीयर-टू-पीयर भुगतान की सुविधा प्रदान करना था। समय के साथ, इस सेवा में ऐसी विशेषताएं भी आईं जो यूजर्स को उपयोगिता बिलों का भुगतान करने और अन्य चीजों के साथ रिवार्ड पॉइंट प्राप्त करने में सक्षम बनाती हैं।

गूगल ने तेज़ को गूगल पे के रूप में रिब्रांडेड किया और इसे ऐप में उपनाम 'GPay' के साथ फिर से चलाया। इसने इस सेवा को दुनिया के अन्य हिस्सों में भी पेश किया। भारत में, कंपनी ने GPay की पेशकश जारी रखी, जिसका हम अभी उपयोग कर रहे हैं। हालांकि, अन्य बाजारों में, यानी यूएस और सिंगापुर में, कंपनी ने दो अलग-अलग ऐप पेश किए जिसमें पुराना गूगल पे और नया GPay शामिल है।

2022 में फिर आया गूगल वॉलेट

अब 2022 में कंपनी ने गूगल वॉलेट को लॉन्च किया है।इसमें यूजर वह सब कुछ कर सकते हैं जो उन्होंने गूगल पे के साथ किया था। गूगल का कहना है कि जब आप किसी फ्लाइट में चढ़ने वाले होते हैं तो गूगल वॉलेट आपको देरी और गेट परिवर्तन की सूचना देगा। जब आप किसी म्यूजिक कार्यक्रम में जाते हैं, तो आपको अपने फ़ोन पर पहले से एक सूचना प्राप्त होगी, जो आपको आपके सहेजे गए टिकटों की याद दिलाती है। वॉलेट अन्य गूगल ऐप्स के साथ भी काम करता है। इसके अलावा, भले ही आप अपना क्रेडिट या डेबिट कार्ड खो दें और आप रीप्लेसमेंट के लिए इंतजार कर रहे हैं, फिर भी आप उस कार्ड का उपयोग गूगल वॉलेट के साथ कर सकते हैं क्योंकि इससे वर्चुअल नंबर जुड़ा हुआ है। Google वॉलेट उन 40 देशों में उपलब्ध होगा जहां गूगल पे उपलब्ध है, जहां यह ऑटोमेटिकली सेवा को बदल देगा। इस देशों की सूची में ऑस्ट्रेलिया, एस्टोनिया, जापान (जल्द ही आ रहा है), स्लोवाकिया, ऑस्ट्रिया, फिनलैंड, कजाकिस्तान, स्पेन, बेल्जियम, फ्रांस, लातविया, स्वीडन, ब्राजील, जर्मनी, लिथुआनिया, स्विट्जरलैंड, बुल्गारिया, ग्रीस, नीदरलैंड, ताइवान, कनाडा, हांगकांग, न्यूजीलैंड, यूक्रेन, चिली, हंगरी, नॉर्वे, संयुक्त अरब अमीरात, क्रोएशिया, आयरलैंड, पोलैंड, यूनाइटेड किंगडम, चेक गणराज्य, इज़राइल, पुर्तगाल, डेनमार्क, इटली और रोमानिया शामिल हैं।

अलग हैं गूगल पे और गूगल वॉलेट

गूगल ने पुष्टि की है कि गूगल वॉलेट भारत में नहीं आएगा, जहां GPay की डिफ़ॉल्ट पेशकश बनी रहेगी। हालांकि, सिंगापुर और यूएस में गूगल इन दोनों ऐप यानी GPay और गूगल वॉलेट की पेशकश करेगा। कंपनी ने कहा कि हम इस ऐप को एक साथी ऐप के रूप में विकसित करना जारी रखेंगे, जहां आप अधिक भुगतान-केंद्रित चीजें कर सकते हैं जैसे दोस्तों या व्यवसायों से पैसे भेजना और प्राप्त करना, अपने पसंदीदा खुदरा विक्रेताओं से ऑफ़र खोजना या अपने लेनदेन का प्रबंधन करना।

Edited By: Ankita Pandey