सैन फ्रांसिस्को, एपी. ट्विटर प्लेटफॉर्म फेक न्यूज पर लगाम लगाने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए ट्विटर की तरफ से नई पॉलिसी का ऐलान किया गया है। नई पॉलिसी के तहत फेक न्यूज फैलाने वाले पोस्टों पर कार्रवाई की जा रही है। जिससे किसी घटना के वक्त यूजर्स को सटीक जानकारी मिल सकेगी। अक्सर देखा है कि किसी आंदोलन के वक्त ट्विटर पर फेक न्यूज फैलाकर दंगा भड़काने की कोशिश हो रही होती है। हालांकि अब ऐसी पोस्ट करने वालों से ट्विटर सख्ती से निपटेगा। 

मिलेगी ट्विटर से सटीक जानकारी 

ट्विटर की मानें, तो संघर्ष या युद्ध के दौरान फेक न्यूज की संख्या बढ़ जाती है, जो संघर्ष बढ़ने की वजह बनती है।ऐसे में ट्विटर की तरफ से यूजर्स को सटीक जानकारी मुहैया कराने की कोशिश की जा रही है। ट्विटर की तरफ से प्राकृतिक आपदाओं, मानवीय संकट के दौरान सटीक जानकारी हासिल करने के लिए निर्भर करेगा। इसमें ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट और पत्रकार शामिल होंगे।

क्या है ट्विटर की नई पॉलिसी

  • ट्विटर ने कहा कि कंपनी अब ऑटोमेटिक मोड से उन पोस्ट को आगे नहीं बढ़ाएगी, जो यूक्रेन और रूस के युद्ध की गलत जानकारी दे रहे हैं।
  • ट्विटर की नई पॉलिसी के तहत ट्विटर मानवीय संकट से जुड़ी फेक न्यूज वाले पोस्ट पर चेतावनी लेबल जोड़ेगा, जिससे गलत जानकारियों को फैलने से रोका जा सके।
  • यूजर्स ट्विटर नियमों का उल्लंघन करने वाली पोस्ट को लाइक, फॉरवर्ड या जवाब नहीं दे पाएंगे।
  • ट्विटर मीडिया, चुनाव और मतदान के बारे में फेक न्यूज और स्वास्थ्य संबंधी गलत सूचनाओं को प्रतिबंधित करेगा

ट्विटर की सिक्योरिटी और इंटीग्रिटी हेड योएल रोथ ने कहा कि हमने दोनों पक्षों को ऐसी जानकारी साझा करते देखा है जो गलत या फिर भ्रामक हो सकती है। ट्विटर ने हा कि हम गलत सूचना पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जो खतरनाक हो सकती है, चाहे वह कहीं से भी आती हो।"

टेस्ला के सीईओ एलन मस्क का कहना है कि ट्विटर (Twitter) को केवल कानून का उल्लंघन करने वाले पोस्ट को हटाना चाहिए, जो फेक न्यूज, व्यक्तिगत हमलों और उत्पीड़न के खिलाफ कार्रवाई को रोक देगा।

Edited By: Saurabh Verma

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