नई दिल्ली, टेक डेस्क| अगर आप भी अपने जीवनसाथी या किसी चाहने वाले को स्टॉक करने के लिए किसी भी तरह के स्टॉकिंग ऐप का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए एक जरूरी खबर है| एक नई रिपोर्ट बताती है कि Google ने प्ले स्टोर से कई Stalkerware Ads हटा दिए हैं, जो जीवनसाथी की जासूसी को बढ़ावा देते हैं। यह पहली बार नहीं है जब Google ने ऐसा कुछ किया है। ये Stalkerware Ads ऐसे ऐप्स का प्रचार करते हैं जो यूजर्स को अपने जीवनसाथी या प्रेमी की जासूसी करने की अनुमति देते हैं। यह Play store की पॉलिसी और गाइडलाइन के विरुद्ध है।

कैसे काम करता है Stalkerware ऐप्स?

Stalkerware ऐसे सॉफ़्टवेयर मॉनिटरिंग या स्पाइवेयर (Spyware) है जो साइबर स्टॉकिंग (Cyberstalking) के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। Stalkerware ऐप्स आमतौर पर नकली ऐप नाम के तहत मैसेज, कॉल लॉग्स, लोकेशन और दूसरे पर्सनल एक्टिविटी को ट्रेक करनी की सुविधा देता हैं। एक बार डाउनलोड हो जाने के बाद, इन ऐप्स को लोगों ने अपने जीवनसाथी के स्मार्टफोन की जासूसी करने के लिए गाइड करते हैं। 

रिपोर्ट में पाया गया कि कई स्टॉकरवेयर Ads ने ऐसे ऐप्स पर Google के बैन से बचने के लिए कई तरह की तकनीकों का इस्तेमाल किया। Google ने पिछले साल अक्टूबर में स्टॉकरवेयर ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने के लिए अपनी Play Store पॉलिसी को अपडेट किया था। Google ने कहा कि ऐसे ऐप जो बिना पर्याप्त सूचना या सहमति के डिवाइस से पर्सनल जानकारी प्रसारित करते हैं और लगातार अधिसूचना प्रदर्शित नहीं करते हैं कि ऐसा हो रहा है, उनके प्ले स्टोर से बैन कर दिया जाएगा।

साइबर सुरक्षा फर्म कास्परस्की (Kaspersky) की एक हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ लोग अपने अंतरंग भागीदारों के जीवन को डिजिटल रूप से नियंत्रित करने का प्रयास करते हैं, भारत में लगभग 4,627 मोबाइल यूजर्स स्टॉकरवेयर के शिकार पाए गए। 2020 में, स्टॉकरवेयर से ग्लोबल स्तर पर कुल 53,870 मोबाइल यूजर्स प्रभावित हुए। 2019 में, Kaspersky ने 67,500 प्रभावित मोबाइल यूजर्स की खोज की।

Edited By: Mohini Kedia