वास्तु दोष से बाधित हो सकती है शारदीय नवरात्र की पूजा, कलश स्थापना से पहले घर को ऐसे करें दोषमुक्त
शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं, जिसके लिए घर की साफ-सफाई और वास्तु दोषों को दूर करना ...और पढ़ें

कैसे दूर करें घर के वास्तु दोष? (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से, घर की तैयारी महत्वपूर्ण।
ईशान कोण और मुख्य द्वार की सफाई करें।
मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाएं, चरमराहट दूर करें।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri 2026) की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है। हिंदू धर्म में नवरात्र का विशेष महत्व है। इस अवधि के दौरान मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना और व्रत करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवी की आराधना करने से जीवन में आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं और शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।
शारदीय नवरात्र की शुरुआत से पहले ही लोग मां दुर्गा के आगमन की तैयारियों में जुट जाते हैं। लोग अपने घर और मंदिर की सफाई करते हैं, जिससे मां दुर्गा का वास हो और पूजा सफल हो सके।
अगर घर में वास्तु दोष है, तो सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित हो सकता है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि शारदीय नवरात्र शुरू होने से पहले घर के वास्तु दोषों को दूर किया जाए, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके। वास्तु दोष से मुक्ति पाने के लिए वास्तु शास्त्र में कई विशेष उपाय बताए गए हैं। आइए आपको विस्तार से बताते हैं कि घर का वास्तु दोष कैसे दूर करें।
इस तरह करें घर का वास्तु दोष दूर
- वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर-पूर्व दिशा में देवी-देवताओं का वास माना जाता है। इसी दिशा में मां दुर्गा की चौकी लगाना शुभ माना जाता है। इसलिए शारदीय नवरात्र से पहले इस दिशा को पूरी तरह से साफ करें। साथ ही गंगाजल का छिड़काव कर इस जगह को पवित्र करें।
- घर में मां दुर्गा का आगमन मुख्य द्वार से होता है। इसलिए द्वार के आस-पास कोई भी गंदगी, जाले या खंडित वस्तुएं नहीं होनी चाहिए। माना जाता है कि इन चीजों के होने से वास्तु दोष की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए नवरात्र की शुरुआत से पहले घर के मुख्य द्वार की विशेष सफाई करें। माना जाता है कि ऐसा करने से घर में सुख-शांति का वास होता है।
- घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक और शुभ चिह्न बनाना बहुत फलदायी माना जाता है। घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर रोली या सिंदूर से स्वास्तिक का चिह्न बनाएं। इससे वास्तु दोष की समस्या दूर होती है और घर में खुशियों का आगमन होता है।
- वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार को खोलते या बंद करते समय आने वाली चरमराहट की आवाज को नकारात्मकता का सूचक माना जाता है। अगर आपके द्वार से भी इस तरह की आवाज आती है, तो उसे तुरंत सही कराएं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
