वास्तु टिप्स: मंदिर में रखी ये मूर्तियां लाती हैं नकारात्मकता, छिन जाएगी घर की सुख-शांति, तुरंत हटाएं
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर में कुछ खास तरह की मूर्तियां या तस्वीरें नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि ये ...और पढ़ें

मंदिर में मूर्तियों को रखने के नियम (Picture Credit: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में मंदिर को पवित्र स्थान माना गया है। ऐसा माना जाता है कि यहीं से पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और शांति का संचार होता है। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि मंदिर में रखी भगवान की मूर्तियों का प्रभाव परिवार के लोगों के जीवन पर पड़ता है।
कई बार देखने को मिलता है कि लोग अपने घर के मंदिरों में कुछ ऐसी तस्वीरें रख लेते हैं, जिनसे शुभ परिणाम नहीं मिलते हैं और घर के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस बात को जानने के बाद आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर मंदिर में किस तरह की मूर्तियों या तस्वीरों को नहीं रखना चाहिए। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
मंदिर में कौन-सी तस्वीरें न रखें?
पितरों की तस्वीर- वास्तु शास्त्र में मंदिर में पितरों की तस्वीर रखने की मनाही है। घर में पितरों का अलग स्थान होना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दक्षिण दिशा में पितरों का वास माना जाता है। इसलिए इस दिशा में पितरों की तस्वीर लगानी चाहिए।
देवी-देवताओं के रौद्र रूप- इसके अलावा मंदिर में भूलकर भी देवी-देवताओं के रौद्र रूप वाली तस्वीरें नहीं रखनी चाहिए। भगवान शिव का नटराज रूप, काल भैरव या माता काली व हनुमान जी की क्रोधित अवस्था वाली तस्वीरें रखने की मनाही है। ऐसा माना जाता है कि इस तरह की तस्वीरों को मंदिर में रखने से मानसिक तनाव और अशांति की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए मंदिर में हमेशा शांत, सौम्य और आशीर्वाद देती हुई मुद्रा वाली देवी-देवताओं की तस्वीरें रखना शुभ माना जाता है।
टूटी और खंडित मूर्ति- मंदिर में देवी-देवताओं की टूटी और खंडित मूर्तियां भी नहीं रखनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि टूटी और खंडित मूर्ति की पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। अगर आपके मंदिर में कोई टूटी या खंडित मूर्ति है, तो उसे पवित्र नदी में विसर्जित कर दें या फिर उसे पीपल के पेड़ के पास रख दें।
महाभारत के युद्ध की तस्वीर- इसके अलावा, मंदिर में महाभारत के युद्ध की कोई भी तस्वीर नहीं रखनी चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस तरह की तस्वीर को मंदिर में रखने से जीवन में मानसिक अशांति की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
