नई दिल्ली, Vastu Tips About Maa Durga Idol: शारदीय नवरात्र शुरू होने के कुछ ही शेष है। नवरात्र की तैयारी हर में जोरों से चल रही है। अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ नवरात्र शुरू हो जाते हैं। इन्हें शारदीय नवरात्र के नाम से जानते हैं। शारदीय नवरात्र के अलावा दुर्गा पूजा भी कहा जाता है। क्योंकि इस दौरान मां दुर्गा के पंडाल स्थापित किए जाते हैं। शारदीय नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की विधिवत पूजा करने के साथ कलश स्थापना करना शुभ माना जाता है। अगर इस साल आप भी मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित कर रहे हैं, तो कुछ वास्तु नियम भी जान लें जिससे मां दुर्गा का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त हो।

देवी मां की मूर्ति स्थापित करते समय ध्यान रखें ये वास्तु नियम

इस दिशा में करें मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित

वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित करते समय दिशा का जरूर ध्यान रखना चाहिए। मां की मूर्ति उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) की ओर स्थापित करें। इस दिशा में स्थापित करने से शारीरिक और मानसिक शांति मिलती है।

ईशान कोण में जगह नहीं है, तो उत्तर या फिर पश्चिम दिशा की ओर मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित कर सकते हैं। ऐसे में जब भक्त मां की पूजा करता है, तो उसका मुख पूर्व या फिर दक्षिण दिशा की ओर होगा। पूर्व दिशा की ओर मुख होने से चेतना जागृत होती है और दक्षिण दिशा की ओर मुख होने से मानसिक शांति मिलती है।

इस दिशा में न रखें मां दुर्गा की मूर्ति

वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां दुर्गा की मूर्ति कभी भी दक्षिण दिशा की ओर स्थापित नहीं करनी चाहिए। क्योंकि इस दिशा यमराज की दिशा कहते हैं। इसके साथ ही इस दिशा से सबसे अधिक नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। ऐसे में इस दिशा में मूर्ति स्थापित करने से सुख-शांति की हानि होगी।

घर में कितनी बड़ी रखें मां की मूर्ति

अगर कोई व्यक्ति घर में मां की मूर्ति स्थापित कर रहा है, तो इस बात का ध्यान रखें कि तीन इंच से बड़ी प्रतिमा न हो। इसके साथ ही मूर्ति का रंग हल्का पीला, हरा या फिर गुलाबी होना चाहिए।

मूर्ति रखने से पहले करें ये काम

मां दुर्गा की मूर्ति जिस स्थान में स्थापित कर रहे हो। उस स्थान में पहले सिंदूर और अक्षत डाल दें। इसके बाद ही मूर्ति रख दें।

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Edited By: Shivani Singh