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वास्तु के हिसाब से कैसा होना चाहिए बंधनवार? घर के मुख्य द्वार पर लगाते समय इन नियमों का रखें ध्यान

Published: Wed, 28 Oct 2026 07:48 PM (IST)

घर के मुख्य द्वार पर बंधनवार लगाना वास्तु में शुभ माना जाता है। जानें वास्तु के अनुसार कैसा होना चाहिए ...और पढ़ें

मुख्य द्वार पर बंधनवार लगाना सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाता है। (Picture Credit- AI Generated)

मुख्य द्वार पर बंधनवार लगाना सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाता है। (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को बहुत महत्वपूर्ण माना गयाहै। मुख्य द्वार से ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। यही वजह है कि त्योहारों और शुभ अवसरों पर घर के दरवाजे को सजाने के लिए बंधनवार या तोरण लगाया जाता है। इसे सुख-समृद्धि, खुशहाली और शुभता का प्रतीक माना जाता है।

हालांकि, बंधनवार लगाते समय उसकी सामग्री से लेकर साफ-सफाई तक कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर कैसा बंधनवार लगाना चाहिए और इससे जुड़े किन नियमों का पालन करना चाहिए।

आम के पत्तों का बंधनवार लगाना माना जाता है शुभ

हिंदू धर्म में आम के पत्तों को शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक आयोजनों, पूजा-पाठ और त्योहारों पर आम के पत्तों का तोरण लगाया जाता है। वास्तुशास्‍त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर आम के ताजे पत्तों का बंधनवार लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे घर का वातावरण मंगलमय बना रहता है।

अशोक के पत्तों का तोरण भी है शुभ

घर के मुख्य द्वार को सजाने के लिए अशोक के पत्तों का भी इस्तेमाल किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं में अशोक के पत्तों को शुभता का प्रतीक माना जाता है। वास्तु शास्‍त्र के अनुसार, इन पत्तों का बंधनवार घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। आप चाहें तो त्योहारों या किसी भी शुभ अवसर पर अशोक के पत्तों से बना तोरण मुख्य द्वार पर लगा सकते हैं।

कौड़ी और सीप वाला बंधनवार चुन सकते हैं

अगर आप लंबे समय तक इस्तेमाल होने वाला बंधनवार मुख्‍य द्वार पर बांधना चाहती हैं, तो कौड़ी, सीप या मोतियों का तोरण भी चुन सकती हैं। कौड़ी को भी हिंदू धर्म में शुभ माना जाता है। यह समृद्धि का प्रतीक होती हैं। कौडि़यां देवी लक्ष्‍मी को भी अति प्रिय होती हैं। इसे नकारात्मक ऊर्जा से बचाव का प्रतीक भी माना जाता है।

टूटा-फूटा या गंदा बंधनवार न लगाएं

वास्तु के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर साफ-सुथरा और बिना टूटा हुआ बंधनवार ही लगाना चाहिए। बंदनवार का अर्थ ही है कि यह घर में मौजूद लोगों की ऊर्जा को जोड़कर रखता है।

सूखे पत्तों वाले बंधनवार को समय पर बदलें

अगर आपने आम या अशोक के पत्तों का प्राकृतिक बंधनवार लगाया है, तो उसके सूखने या मुरझाने पर उसे बदल देना चाहिए। सूखे पत्तों को लंबे समय तक मुख्य द्वार पर लटकाकर न रखें। कई बार लोग ऐसा नहीं करते हैं, मगर कोई सूखी मुरझाई हुई चीज मुख्‍य द्वार पर लगाने से घर में नकारात्‍मकता आती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।