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    Vastu Tips For Ladder: घर में सीढ़ियों के वास्तु का रखें विशेष ध्यान, इसमें है आपकी उन्नति का राज

    By Kartikey TiwariEdited By:
    Updated: Mon, 28 Sep 2020 12:52 PM (IST)

    Vastu Tips For Ladder वास्तुशास्त्र में घर की सीढ़ियों के निर्माण का अपना विशेष महत्व है। प्राचीन वास्तु ग्रंथों ने भी इसकी महत्ता बताई है। आम रूप से देखें तो ये सीढ़ियां ही हैं जो हमें ऊपर से नीचे लाती हैं और नीचे से ऊपर भी ले जाती हैं।

    वास्तुशास्त्र में घर की सीढ़ियों का विशेष महत्व है।

    Vastu Tips For Ladder: वास्तुशास्त्र में घर की सीढ़ियों के निर्माण का अपना विशेष महत्व है। प्राचीन वास्तु ग्रंथों ने भी इसकी महत्ता बताई है। आम रूप से देखें, तो ये सीढ़ियां ही हैं, जो हमें ऊपर से नीचे लाती हैं और नीचे से ऊपर भी ले जाती हैं। वास्तु शास्त्री और ज्योतिषाचार्या साक्षी शर्मा से जानते हैं कि सीढ़ियों को घर मे कैसे उपयोग करें कि वो हमें उन्नति की ओर अग्रसर कर सकती हैं।

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    घर में कहां पर बनवाएं सीढ़ी

    वास्तु के नियमानुसार, सीढ़ियां घर के ईशान कोण और ब्रह्म स्थान को छोड़कर किसी भी दिशा में बनाई जा सकती हैं। सबसे अच्छा होगा, अगर आप दक्षिण में सीढ़ियों का निर्माण करें। दूसरे स्थान पर सीढ़ियां पश्चिम में बना सकते हैं। तीसरे स्थान पर आग्नेय कोण में, चौथे स्थान पर वायव्य कोण में, पांचवे स्थान पर पूरब में और छठे स्थान पर उत्तर में सीढ़ियों का निर्माण करा सकते हैं।

    उन्नति और विकास के लिए बनाएं सीढ़ियां

    सीढ़ियां भारी और ऊंची होती हैं, तो इसके लिए उसी स्थान को चुनते हैं जो वास्तु के अनुसार इसके लिए निश्चित है। अर्थात दक्षिण-पश्चिम कोना। यदि यहां सीढ़ियां, होंगी तो घर की उन्नति और विकास आगे बढ़ सकता है। दक्षिण और पश्चिम में भी सीढ़ियां बनाना वास्तु के अनुकूल है।

    नंबर भी है महत्वपूर्ण

    वास्तु शास्त्र के हिसाब से सीढ़ियां यदि विषम संख्या में हों, तो अच्छा रहता है। जैसे 5, 7, 9, 11, 13, 15, 17, 19, 21, 23, 25 आदि। इसके अलावा यदि सीढ़ियों की संख्या विषम भी हो और 3 से भाग देने पर 2 शेष बचे तो वह संख्या अति उत्तम मानी गई है, जैसे 17, 23, 29 आदि।

    सीढ़ियों के नीचे ना हो बाथरूम

    सीढ़ियों के नीचे किचन, बाथरूम और मंदिर बिल्कुल न बनाएं। यदि सीढ़ियां दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण या पश्चिम में होती हैं तो उसके नीचे केवल स्टोर बना सकते हैं। यदि घर की सीढ़ियां उत्तर और पूर्व में हों, तो सीढ़ियों के नीचे खाली स्थान रखना आवश्यक है। सीढ़ियां प्रगति का द्वार होती हैं, इसलिए सीढ़ियों को सीधा ले जाना अच्छा नहीं रहता। सीढ़ियों का घुमाव क्लॉकवाइज होना चाहिए अर्थात् सीधे हाथ की ओर से उसका घुमाव हो। एंटी क्लॉकवाइज अर्थात् बाएं हाथ को घूमने वाली सीढ़ियां बनाने से बचें।

    डिसक्लेमर

    'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'