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जन्माष्टमी पर दिख जाएं ये 5 शुभ संकेत, तो समझें खुद बाल गोपाल पधार रहे हैं आपके घर

Published: Fri, 04 Sep 2026 02:01 PM (IST)

जन्माष्टमी पर कुछ शुभ संकेतों का दिखना बेहद फलदायी माना जाता है, जो भविष्य में सकारात्मक बदलावों की ओर इशारा ...और पढ़ें

जन्माष्टमी से जुड़े संकेत (AI-Generated Image)

जन्माष्टमी से जुड़े संकेत (AI-Generated Image)  


HighLights

  1. जन्माष्टमी पर गाय या बछड़ा आना सुख-समृद्धि का प्रतीक।

  2. सपने में लड्डू गोपाल दर्शन, जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत।

  3. बांसुरी ध्वनि, जल कलश, दीपक की लौ शुभता दर्शाते हैं।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 4 सितंबर को जन्माष्टमी (Janmashtami 2026) का महापर्व मनाया जा रहा है। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। साथ ही माखन-मिश्री समेत 56 भोग अर्पित किए जाते हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन लड्डू गोपाल की साधना करने से जीवन में आने वाले दुख दूर होते हैं और शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जन्माष्टमी के दिन कुछ शुभ चीजों का दिखना फलदायी माना जाता है। इन्हें भविष्य से जुड़े शुभ संकेतों से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं कि जन्माष्टमी के दिन किन चीजों का दिखना शुभ माना जाता है।

इन चीजों का दिखना होता है शुभ

गाय- भगवान श्रीकृष्ण को गायें अधिक प्रिय थीं। अगर जन्माष्टमी के अवसर पर आपके घर के द्वार पर गाय या बछड़ा आता है, तो इसे शुभ माना जाता है। इससे सुख-समृद्धि में वृद्धि के संकेत मिलते हैं और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा बरसती है।

सपने में लड्डू गोपाल- जन्माष्टमी के दिन सपने में लड्डू गोपाल के दर्शन करना शुभ माना जाता है। इस सपने से संकेत मिलते हैं कि आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं और आने वाली बाधाएं दूर हो सकती हैं।

बांसुरी या शंख की ध्वनि- अगर जन्माष्टमी के दिन आपको बांसुरी या शंख की ध्वनि सुनाई देती है, तो इसे शुभ माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मन को शांति प्राप्त होती है।

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जल से भरा कलश- हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान कलश का उपयोग किया जाता है, जिसे सफलता का प्रतीक माना जाता है। जन्माष्टमी के दिन जल से भरा कलश, नारियल, पूजा की थाली या दीपक दिखाई देना फलदायी माना जाता है। इससे कार्यों में सफलता और तरक्की के संकेत मिलते हैं।

दीपक की लौ का तेज होना- अगर जन्माष्टमी की पूजा के समय दीपक की लौ अचानक से तेज होती है, तो इसे अत्यधिक शुभ माना जाता है। इसे ईश्वर की विशेष कृपा का प्रतीक माना जाता है और इससे मनोकामना जल्द पूरी होने के संकेत मिलते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।