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    Yamuna Chhath 2024: इस साल कब मनाई जाएगी यमुना छठ, जानिए शुभ मुहूर्त और इसकी महिमा

    Updated: Thu, 04 Apr 2024 05:59 PM (IST)

    भारतीय संस्कृति में ऐसी नदियों का वर्णन मिलता है जिन्हें पवित्र और पूजनीय माना गया है। इसी प्रकार यमुना नदी को भी हिंदू धर्म की एक पवित्र नदी माना जाता है। वहीं यमुना छठ को उत्तर भारत के कई शहरों में धूमधाम से मनाया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि साल 2024 में यमुना छठ का पर्व कब मनाया जाएगा।

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    Yamuna Chhath 2024: इस साल कब मनाई जाएगी यमुना छठ

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Chaiti Chhath Puja 2024: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साल में दो बार छठ पूजा की जाती है। चैत्र माह में मनाए जाने वाली छठ को चैती छठ और कार्तिक माह में मनाई जाने वाली छठ को कार्तिकी छठ कहा जाता है। चैती छठ को यमुना छठ के रूप में भी जाना जाता है, जो हर साल चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर मनाई जाती है। यह पर्व प्रकृति के प्रति अटूट श्रद्धा को दर्शाता है।

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    यमुना छठ शुभ मुहूर्त (Yamuna Chhath 2024 Shubh Muhurat)

    चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि 13 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 04 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं, इसका समापन 14 अप्रैल को सुबह 11 बजकर 43 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, यमुना छठ का पर्व 14 अप्रैल 2024 रविवार को मनाया जाएगा।

    यमुना छठ का महत्व

    माना जाता है कि चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर ही देवी यमुना पृथ्वी पर अवतरित हुई थी। इसलिए इस दिन को यमुना छठ या यमुना जयंती के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गोलोक में जब श्री हरि ने यमुना जी को पृथ्वी पर जाने की आज्ञा दी तब यमुना जी पृथ्वी पर जाने को अवतरित हुईं।

    माना जाता है कि जो व्यक्ति यमुना छठ के दिन यमुना जी में स्नान-दान करना है और पूरे विधि-विधान से पूजा आदि करता है, उसे भविष्य में यम और शनि का भय नहीं सताता।

    यमुना छठ पूजा विधि

    • अगर संभव हो तो यमुना छठ के दिन सुबह के समय यमुना में डुबकी लगाकर व्रत का संकल्प लें।
    • इस दिन श्रीकृष्ण की विधि-विधान पूर्वक पूजा करें।
    • संध्या की पूजा करते समय यमुना अष्टक का पाठ करें।
    • मां की आरती और कथा का पाठ करें और भोग लगाएं।
    • अपने सामर्थ्यनुसार यमुना छठ पर दान-पुण्य करें।

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    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'