रात में ही क्यों होती है ज्यादातर शादियां, कैसे शुरू हुई ये परंपरा?
हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य के लिए सुबह का समय सबसे उत्तम माना जाता है। अधिकतर शुभ कार्य सुबह के समय किए जाते हैं। वहीं रात के समय को शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता। लेकिन आपने गौर किया होगा कि विवाह अनुष्ठान रात में ही किए जाते हैं। क्या आप इसके पीछे का कारण जानते हैं, अगर नहीं, तो चलिए इस लेख से जरिए जानते हैं।

Hindu wedding traditions (AI Generated Image)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में विवाह, 16 संस्कारों में से एक जरूरी संस्कार है। शादी के दौरान कई तरह की रस्में भी निभाई जाती हैं। हिंदू धर्म में विवाह किसी उत्सव से कम नहीं है, जिसकी तैयारियां कई दिनों पहले से ही शुरू हो जाती हैं। शादी के बाद पति-पत्नी अपने एक नए जीवन की शुरुआत करते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि रात में विवाह करना इतना शुभ क्यों माना गया है और यह परंपरा कैसे शुरू हुई।
ये है कारण
हिंदू धर्म यह माना जाता है कि शुभ मुहूर्त में किया गया विवाह हमेशा शुभ परिणाम देता है। पंचांग में विवाह के लिए नक्षत्रों, ग्रहों और राशियों की स्थिति के अनुसार शुभ समय की गणना की जाती है। इसके अलावा विवाह के शुभ मुहूर्त के लिए लग्न कुंडली भी महत्वपूर्ण होती है। ये योग अधिकतर देर रात या फिर शाम के समय ही बनते हैं। इसलिए अधिकतर शादियां इसी समय में होती हैं।

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दाम्पत्य जीवन बनता है सुखी
हिंदू धर्म में चंद्रमा को शीतलता, प्रेम और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए चंद्रमा को विवाह का प्राकृतिक साक्षी मानते हुए विवाह सम्पन्न कराया जाता है। इसके साथ ही विवाह रात्रि में होने का एक अन्य कारण यह भी है कि रात में ध्रुव तारा दिखाई देता है, जिसे दाम्पत्य जीवन से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में पति-पत्नी ध्रुव तारे को भी साक्षी मानकर अपने नए रिश्ते की शुरुआत करते हैं।

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यह भी है कुछ कारण
रात में विवाह समारोह होने के पीछे कुछ अन्य कारण भी मिलते हैं। प्राचीन काल में दिन में लुटेरे, डाकू और जंगली जानवरों का खतरा ज्यादा बना रहता था। ऐसे में रात के समय शादियां की जाने लगी, जिसमें पूरा मोहल्ला एक साथ जागकर बारात की रक्षा किया करता था। इससे बाहरी खतरा कम हो जाता था और गांव-कस्बे में भी शांति बनी रहती थी। इसके बाद राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और बिहार आदि राज्यों में रात में शादी करने की परंपरा बन गई। रात की ठंडक भी इस समय में विवाह कार्यक्रम करने का एक कारण है।
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