शारदीय नवरात्र में बाल और नाखून काटने की क्यों है सख्त मनाही? भूलकर भी न करें ये गलतियां
शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं, जिसमें मां दुर्गा की पूजा और व्रत का विधान है। इस ...और पढ़ें

शारदीय नवरात्र में बाल और नाखून काटने की न करें गलती (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri 2026) की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है। इस दौरान मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही विधिपूर्वक व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि मां दुर्गा की साधना करने से जीवन में आने वाले सभी दुख-दर्द दूर होते हैं।
शारदीय नवरात्र में कई नियमों का पालन करना जरूरी होता है। ऐसा न करने से पूजा का पूर्ण फल और मां दुर्गा की कृपा प्राप्त नहीं होती है। शारदीय नवरात्र का एक प्रमुख नियम है नवरात्र के दौरान बाल, दाढ़ी और नाखून न काटना। यह जानकर आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर क्यों नवरात्र में बाल और नाखून काटने की मनाही है। आइए इस आर्टिकल में आपको इसके पीछे की वजह बताते हैं।
नवरात्र में बाल-नाखून कटवाने चाहिए या नहीं?
नवरात्र के नौ दिनों को पवित्र और सात्विक माना जाता है। इस अवधि के दौरान भूलकर भी बाल और नाखून काटने की सख्त मनाही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्र में पूजा और मंत्र जप से भक्त के शरीर में एक विशेष सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ऐसे में बाल और नाखून काटने से सकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो सकती है। इसलिए नवरात्र में बाल और नाखून न काटने की सलाह दी जाती है।
क्यों नहीं काटने चाहिए बाल और नाखून?
नवरात्र का व्रत करने वाले साधक को अपने मन को सात्विक और पवित्र जरूर रखना चाहिए। बाल और नाखून न काटना शारदीय नवरात्र का एक अहम नियम है। नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। नवरात्र व्रत के दौरान भक्त को अपने शरीर को शुद्ध और प्राकृतिक अवस्था में रखना चाहिए। ऐसा करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। शास्त्रों के अनुसार, बाल और नाखून काटने को अशुद्ध क्रिया माना जाता है। ऐसे में नवरात्र में बाल और नाखून काटने से पवित्रता में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इसलिए नवरात्र में बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए।
भूलकर भी न करें ये काम
- शारदीय नवरात्र की पूजा के दौरान मन में किसी के बारे में गलत विचार न लाएं।
- तामसिक भोजन का सेवन भूलकर भी न करें, बल्कि सात्विक भोजन ही ग्रहण करें।
- नवरात्र के दौरान काले रंग के कपड़े धारण न करें।
- घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- व्रत रखने वाले लोगों को दिन के समय नहीं सोना चाहिए।
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