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    Vallabhacharya Jayanti 2021: कब है श्री वल्लभ आचार्य जयंती, जानें क्या है इस दिन का महत्व

    By Shilpa SrivastavaEdited By:
    Updated: Sun, 02 May 2021 01:08 PM (IST)

    Vallabhacharya Jayanti 2021 श्री वल्लभ आचार्य जयंती हिन्दू वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस दिन को श्री वल्लभ आचार्य जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इन्हें पुष्य संप्रदाय के संस्थापक वल्लभ के रूप में भी जाना जाता है।

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    Vallabhacharya Jayanti 2021: कब है श्री वल्लभ आचार्य जयंती, जानें क्या है इस दिन का महत्व

    Vallabhacharya Jayanti 2021: श्री वल्लभ आचार्य जयंती हिन्दू वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस दिन को श्री वल्लभ आचार्य जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इन्हें पुष्य संप्रदाय के संस्थापक वल्लभ के रूप में भी जाना जाता है। वल्लभ आचार्य एक उत्साही दार्शनिक थे जिन्होंने पुष्य संप्रदाय की मान्यताओं की स्थापना की। हिंदू धर्म में वल्लभ आचार्य जयंती सबसे समर्पित त्यौहारों में से एक है। कई लोग यह भी मानते थे कि श्री वल्लभ आचार्य ही वह व्यक्ति थे जिन्हें श्रीनाथजी के रूप में भगवान कृष्ण से मिलने का अवसर प्राप्त हुआ था। कुछ लोगों का यह भी मानना ​​है कि श्री वल्लभ आचार्य अग्नि देवता का पुनर्जन्म है। आइए जानते हैं वल्लभ आचार्य जयंती कब मनाई जाएगी।

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    श्री वल्लभ आचार्य जयंती की तिथि और मुहूर्त:

    वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी

    7 मई 2021, शुक्रवार

    श्री वल्लभ आचार्य की 542वीं जन्म वर्षगाँठ

    एकादशी तिथि प्रारम्भ- 6 मई 2021, गुरुवार, दोपहर 2 बजकर 10 मिनट से

    एकादशी तिथि समाप्त- 7 मई 2021, शुक्रवार, दोपहर 3 बजकर 32 मिनट तक

    श्रीनाथजी के रूप में श्री कृष्ण की पूजा करना श्री वल्लभ आचार्य द्वारा ही प्रस्तुत किया गया था। इसी के चलते वल्लभ आचार्य जयंती को भगवान कृष्ण और वल्लभ आचार्य के भक्तों द्वारा हर वर्ष बेहद ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस जयंती का महत्व तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, चेन्नई और महाराष्ट्र में बेहद विशेष है। श्रीनाथ जी के मंदिर में इस त्यौहार को बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। कई स्थानों पर लोग प्रसाद भी चढ़ाते हैं और भक्तों में वितरित भी करते हैं। 

    डिसक्लेमर

    'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी। '