Bhadrapada Month 2024 Date: कब से शुरू हो रहा है भाद्रपद का महीना, जानें इसका धार्मिक महत्व और नियम
पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह छठा महीना होता है। इसकी शुरुआत सावन के समापन के बाद से होती है। यह महीना देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए अधिक शुभ माना जाता है। भाद्रपद में भगवान श्रीकृष्ण और भगवान गणेश की विशेष उपासना होती है। आइए जानते हैं कब (When Bhadrapada month is starting) से शुरू हो रहा है भाद्रपद का महीना

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Bhadrapada Month 2024: सावन पूर्णिमा के अगले दिन से भाद्रपद के महीने की शुरुआत होती है। सनातन धर्म में इस माह को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस माह में कई अहम पर्व और व्रत किए जाते हैं। धार्मिक मत है कि इस माह में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करने से जातक के जीवन में आ रही सभी तरह की समस्याएं दूर हो जाती हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे भाद्रपद का महीने का धार्मिक महत्व और नियम के बारे में।
कब से शुरू हो रहा है भाद्रपद 2024
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद के महीने की शुरुआत 20 अगस्त (Bhadrapada month 2024 start date) से हो रही है। वहीं, इसका समापन 18 सितंबर 2024 को होगा।
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इस वजह से खास है ये माह
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भाद्रपद माह में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। जैसे- श्री कृष्ण जन्मोत्सव, गणेश चतुर्थी, अजा एकादशी, हरतालिका तीज और प्रदोष व्रत, पितृपक्ष प्रारंभ, भाद्रपद पूर्णिमा, गणेश विसर्जन और अनंत चतुर्दशी आदि।
भाद्रपद माह का महत्व
भाद्रपद (significance of bhadrapada) के महीने का अधिक महत्व है। इस माह को भादो के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस माह में भगवान शिव के पुत्र गणेश जी और भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लिया था। ऐसी मान्यता है कि भाद्रपद के महीने में गणेश जी और भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा करने से जातक को सभी कष्ट और दुखों से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा भाद्रपद में जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष महत्व है।
भाद्रपद माह के नियम
- इस माह में सुबह स्नान करने के बाद श्रीहरि, भगवान श्रीकृष्ण, भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करें।
- इसके अलावा श्रद्धा अनुसार लोगों में दान करना चाहिए।
- पवित्र नदियों में स्नान करना शुभ माना जाता है।
- किसी व्यक्ति से लड़ाई-झगड़ा नहीं करना चाहिए।
- घर के बड़े बुर्जुगों और महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए।
- किसी भी पशु-पक्षी को परेशान न करें।
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अस्वीकरण: ''इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है''।
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