आत्मविश्वास की शक्ति अजेय होती है। इसके द्वारा अकल्पनीय कार्य भी किए जा सकते हैं। यह हमारी सामथ्र्य को कई गुना बढ़ा देती है। इसके माध्यम से हम अपने लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। हमारी सफलता हमारे आत्मविश्वास पर टिकी रहती है। यदि आत्मविश्वास की शक्ति क्षीण हो जाती है तो सफलता हमसे कोसों दूर चली जाती है। हमें असफलता का मुंह देखना पड़ता है। इसीलिए सफलता का स्वाद चखने के लिए आत्मविश्वास की मिठास घटनी नहीं चाहिए।

हर स्थिति में हमारा आत्मविश्वास ऊंचा रहना चाहिए। भले ही विपत्ति घेर ले, संकट मार्ग रोक लें, परंतु आत्मविश्वास अडिग है तो सभी अवरोध स्वत: ध्वस्त हो जाते हैं। हमारे आत्मविश्वास की शक्ति हमें निर्भय बनाती है। निर्भयता से ही कार्य में सिद्धि प्राप्त की जा सकती है।

जब तक हमें हमारा लक्ष्य डराता है, तब तक हम सफलता के मार्ग पर एक पग भी आगे नहीं बढ़ पाते। आत्मविश्वास की शक्ति से बीहड़ में मार्ग खोजा जा सकता है, अंतरिक्ष के रहस्य सुलझाए जा सकते हैं और समुद्र की थाह ली जा सकती है।

आत्मविश्वास की शक्ति के अनेकों ऐसे उदाहरण हैं, जो हमें प्रेरणा से भर देते हैं। हमारी समझ को नए आयाम देते हैं। एक छोटी सी चींटी आत्मविश्वास की शक्ति के बल पर ही बड़ी लंबी दूरी तय कर लेती है, पर्वतारोही इसी शक्ति से अजेय लगने वाले पर्वत शिखरों को जीत लेते हैं। गोताखोर समुद्र के भीतर लंबी-लंबी दूरियां तय कर लेते हैं। प्रबल आत्मविश्वास से ओतप्रोत हमारे सैनिक हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं।

आत्मविश्वास की शक्ति को क्रमिक अभ्यास से पैदा किया जा सकता है। यह हमारे भीतर शनै-शनै जागृत होने लगती है। यह शक्ति हमारे भीतर चमत्कारिक परिवर्तन लाने में सक्षम है। जब हम इस शक्ति का अनुभव करने लगते हैं तो एक नवीन ऊर्जा से भर जाते हैं। यही ऊर्जा जीवन को सार्थक बनाने वाले ईंधन की भूमिका निभाती है।

ललित शौर्य

Edited By: Kartikey Tiwari