दशहरा भारत का एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो नौ रातों और दस दिनों तक चलता है। यह त्योहार देश के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न रूपों में मनाया जाता है और दसवें दिन समाप्त होता है, जिसे विजयदशमी कहा जाता है जिसका अर्थ है "दसवें दिन की जीत"। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाता है। यह पर्व इस बात का प्रतीक है कि बुराई छोटी हो या बड़ी उसे छुपाया नहीं जा सकता और धर्म व सत्य की हमेशा जीत होती है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था तथा देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त महिषासुर पर विजय प्राप्त की थी।

भारत की समृद्ध विरासत एवं संस्कृति उसे बाकि राष्ट्रों से अलग बनाते हैं। सितंबर-अक्टूबर आते ही भारत में संस्कृतियों और रीति-रिवाजों के कई रंग देखने को मिलते हैं। दशहरा एक ऐसा त्योहार है, जिसे पूरे भारत में गुजरात से अरुणाचल प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से कर्नाटक तक हर जगह पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में रामलीला आयोजित की जाती है, साथ ही नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। वर्तमान परिदृश्य में आप दशहरा के महत्व को किस रूप में देखते हैं, KOO ऐप पर अपने विचार हमारे साथ साझा करें।

भारत में सबसे प्रसिद्ध उत्सवों में से एक है दुर्गा पूजा। यह बंगालियों द्वारा बड़े पैमाने पर मनाया जाने वाला एक बड़ा त्योहार है। यहां राजशाही दुर्गा पूजा की थीम पर बड़े-बड़े पंडाल स्थापित किए जाते हैं, जहां देवी दुर्गा की मूर्तियों की पूजा की जाती है और उत्सव के अंत में पारंपरिक रूप से उसे नदी में विसर्जित कर दी जाती है। सभी सजाए गए पंडाल में भारत और बंगाली संस्कृति को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इसे भव्य तरीके से मनाया जाता है, इसलिए विश्व के कोने-कोने से भक्त और पर्यटक इस पूजा को देखने के लिए बंगाल खासकर कोलकाता पहुंचते हैं।

नवरात्रि, जिसका अर्थ है 'नौ रातें', भारत के कई हिस्सों में सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से मनाए जाने वाले हिंदू त्योहारों में से एक है। हालांकि, गुजरात एकमात्र ऐसा भारत का राज्य है, जो नवरात्रि में नौ रातों तक चलने वाले नृत्य उत्सव में शामिल होता है, जो शायद दुनिया में सबसे लंबा नृत्य उत्सव है। पूरे राज्य में, गांवों और शहरों में समान रूप से, लोग खुले स्थानों में स्त्री रूपी देवी की पूजा के लिए इकट्ठा होते हैं और नृत्य उत्सव में शामिल होते हैं। गरबा के रूप में जाना जाने वाला यह नृत्य पूरे भारत में प्रसिद्ध है।

हिमाचल प्रदेश का कुल्लू दशहरा, एक अलग तरह का दशहरा है। यह अनोखा उत्सव दशहरे के 10वें दिन से शुरू होता है और यह एक सप्ताह तक चलता है। यह उत्तर भारत में दशहरा उत्सव मनाने के तरीकों में से एक है। ऐतिहासिक फूल यात्रा, अंतर्राष्ट्रीय लोक उत्सव, नैनादेवी मेला और कुल्लू मेला कुछ प्रसिद्ध कार्यक्रम हैं। कुल्लू के अलावा वराणसी का दशहरा भी लोगों में काफी प्रसिद्ध है। वाराणसी भारत के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है, जो काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। सालों से चली आ रही यहां की रामलीला को दूर-दूर से देखने के लिए आते हैं। घाटों पर एक विशेष 'आरती' होती है। भक्त नदी में पवित्र डुबकी लगाते हैं, धूप जलाने और नदी में फूल चढ़ाने जैसे विशिष्ट अनुष्ठानों के साथ इकट्ठा होते हैं। यहां रामलीला हर साल पूरे एक महीने तक होती है जो भगवान राम के अवतार के साथ शुरू होती है और राक्षस राजा रावण की मृत्यु के साथ समाप्त होती है।

नवरात्र और दशहरा के त्योहार लोगों के दिलों से जुड़े हुए हैं और देश को एक सूत्र में बांधते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में भले ही अलग-अलग दशहरा हों, लेकिन भाव सबके एक हैं, बुराई पर अच्छाई की जीत। आपके क्षेत्र में दशहरा का मुख्य आकर्षण क्या है। KOO ऐप के जरिए उसे साझा कीजिए। इसके अलावा देश-दुनिया की अनोखी खबर पढ़ने के लिए आप Dainik Jagran को Koo पर फॉलो जरूर करें।

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Note - यह आर्टिकल ब्रांड डेस्‍क द्वारा लिखा गया है।

Edited By: Kartikey Tiwari