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    Vinayak Chaturthi 2025: फरवरी में कब है विनायक चतुर्थी? एक क्लिक में देखें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

    Updated: Fri, 24 Jan 2025 04:46 PM (IST)

    माघ माह में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi 2025) का पर्व मनाया जाता है। इस दिन चंद्र दर्शन करने की मनाही है। इससे व्यक्ति को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही इस दिन गणपति बप्पा की उपासना करने से सभी बाधा दूर होती है। आइए जानते हैं विनायक चतुर्थी की डेट और शुभ मुहूर्त के बारे में।

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    Lord Ganesh: विनायक चतुर्थी का शुभ मुहूर्त (Pic Credit- Freepik )

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए शुभ माना जाता है। माघ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi 2025) के नाम से जाना जाता है। इस दिन विधिपूर्वक भगवान गणेश की उपासना करने का विधान है। साथ ही पूजा में विशेष चीजों को शामिल करना चाहिए।

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    विनायक चतुर्थी 2025 शुभ मुहूर्त (Vinayak Chaturthi 2025 Shubh Muhurat)

    पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी की शुरुआत 01 फरवरी को सुबह 11 बजकर 38 मिनट पर हो रही है। वहीं, तिथि का समापन अगले दिन यानी 02 फरवरी को सुबह 09 बजकर 14 मिनट पर हो रहा है। ऐसे में विनायक चतुर्थी 01 फरवरी को मनाई जाएगी।

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    सूर्योदय - सुबह 07 बजकर 09 मिनट पर

    सूर्यास्त - शाम 06 बजे

    चन्द्रोदय- सुबह 09 बजकर 02 मिनट पर

    चंद्रास्त- रात 09 बजकर 07 मिनट पर

    ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजकर 24 मिनट से 06 बजकर 17 मिनट तक

    विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 23 मिनट से 03 बजकर 07 मिनट तक

    गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 58 मिनट से 06 बजकर 24 मिनट तक

    निशिता मुहूर्त - रात्रि 12 बजकर 08 मिनट से 01 बजकर 01 मिनट तक

    विनायक चतुर्थी पूजा विधि (Vinayak Chaturthi Puja Vidhi)

    • चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठें और दिन की शुरुआत देवी-देवता के ध्यान से करें।
    • स्नान करने के बाद सूर्य देव को जल दें।
    • भगवान गणेश की पूजा की शुरुआत करें।
    • गणपति बप्पा को मोदक, दूर्वा, हल्दी समेत आदि चीजें अर्पित करें।
    • देसी घी का दीपक जलाकर विधिपूर्वक आरती करें।
    • गणेश जी के मंत्रों का जप करें।
    • मोदक और फल समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।
    • प्रभु से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें।
    • अंत में लोगों में प्रसाद बाटें।

    करें यह उपाय

    अगर आप आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं, तो विनायक चतुर्थी के दिन ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र का पाठ करें। साथ ही प्रभु का ध्यान करें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।

    भगवान गणेश के मंत्र

    1. ऊँ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ ।

    निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा ॥

    2. गणपतिर्विघ्नराजो लम्बतुण्डो गजाननः ।

    द्वैमातुरश्च हेरम्ब एकदन्तो गणाधिपः ॥

    विनायकश्चारुकर्णः पशुपालो भवात्मजः ।

    द्वादशैतानि नामानि प्रातरुत्थाय यः पठेत्‌ ॥

    विश्वं तस्य भवेद्वश्यं न च विघ्नं भवेत्‌ क्वचित्‌ ।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।